कंचनपुर के लोगों पर सोमवार को आग कहर बन कर टूटी तो मंगलवार को बारिश ने उनके जख्मों पर नमक छिड़का। बारिश से उन्हें कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
पढ़ुवा ग्राम पंचायत के मजरा कंचनपुर में सोमवार की दोपहर आग लग गई थी जिसमें गांव के 35 घर जलकर राख हो गए थे। अग्निकांड में कैलाश की तीन साल की बेटी ललिता की जलकर मौत भी हो गई थी। अग्निकांड के बाद गांव वाले खानाबदोश हो गए और सिर छिपाने के लिए जगह भी न बची। जैसे-तैसे रात बीती इसके बाद मंगलवार की सुबह आई। सुबह होते ही पीड़ित खुले आसमान और चंद तिरपालों के जरिए अपनी जिंदगी को बसर करने में जुट गए लेकिन दोपहर में आसमान में बादल छा गए और फिर बारिश होने लगी। जिनके पास तिरपाल थी उनको तो कुछ राहत मिली लेकिन तमाम ऐसे लोग थे जिनका दिन गुजारना मुश्किल हो गया, इन्होंने पेड़ों के नीचे सिर छिपाया। हालांकि ज्यादा देर बारिश नहीं हुई लेकिन जितनी भी हुई उतनी पीड़ितों के लिए जख्मों पर नमक जैसी ही साबित हुई।
प्रशासन ने बांटी सहायता राशि, 30 तिरपाल भी दिए
तहसील प्रशासन ने अग्निपीड़ित गांव कंचनपुर में 30 तिरपाल, 61-61 सौ और 18-18 सौ रुपये के चेक पीड़ितों में बांटे। दूसरे दिन भी वहां प्रशासनिक अधिकारियों ने जायजा लिया। ग्राम प्रधान ने यहां पीड़ितों में पूड़ी-सब्जी बंटवाई।
संत बाबा गुरुनाम सिंह ने भेजी सहायता
गुरुद्वारा नानक पियाऊ के संत बाबा गुरुनाम सिंह ने कंचनपुर में हर पीड़ित परिवार को तीन-तीन कंबल, 30-30 किग्रा आटा, 12-12 किग्रा आलू, दो-दो किग्रा नमक बंटवाया है। इसको बंटवाने में बाबा लक्खा सिंह, सर्वजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह बरेली फार्म, हरविंदर सिंह आदि सेवादारों का सक्रिय सहयोग रहा।
कैलाश और मंजो का बुरा हाल
तीन साल की बेटी ललिता की जलने से हुई मौत के बाद उसके पिता कैलाश और मां मंजो टूट गए हैं। बेटी की मौत का गम मंगलवार को उनकी आंखों से बरसता रहा।
जल्द मिलेगी सहायता
प्रशासन जल्द ही कैलाश को मृतक सहायता राशि मुहैया कराएगा। यह जानकारी एसडीएम ने दी।
भाजपा नेता कृष्णा पहुंचे, दी सांत्वना
भाजपा के समाज कल्याण प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष कृष्णकांत मिश्रा मंगलवार को कंचनपुर पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों को सांत्वना दी और जल्द ही प्रशासन से सारी मद्द मुहैया कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान बिल्लू चौधरी, शशि शंकर शुक्ला, रजनीश शर्मा, सतेंद्र शुक्ला आदि तमाम लोग साथ रहे।