असंग साहब के 20 मिनट के प्रवचन ने सभी को स्वधर्म का पालन करते हुए सत्य के मार्ग पर चलने की बात कही। क्योंकि कबीरा खड़ा बाजार में सबकी मांगे खैर। न काहू से दोस्ती न काहू से बैर। आज किया गया कर्म, कल का भाग्य का बन जाता है। कहा कि जिनके संस्कार सुधर जाते हैं उनका संसार सुधर जाता है। राजनीतिक पार्टियों को नसीहत देते हुए असंग साहब ने कहा कि पार्टी प्रमुख अपने कार्यकर्ताओं को संस्कार बनाने पर जोर दें।