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संकट में अन्नदाता: 15 अरब से अधिक चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य भुगतान बकाया

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Farmer,Outstanding payment
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण की वैश्विक महामारी के चलते पूरा देश संघर्ष कर रहा है, लेकिन किसानों के हालात चीनी मिलों के ढुलमुल रवैये और विभिन्न आपदाओं से खराब हुए हैं। एक तो चीनी मिलों पर अब भी 15 अरब 69 करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है। इससे किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है तो दूसरी ओर बाढ़-कटान से हजारों किसानों की करीब 13 करोड़ की फसलें नष्ट हो गई हैं। वहीं रही सही कसर गन्ने में लाल सड़न रोग ने पूरी कर दी है, जिसके प्रकोप से सैकड़ों हेक्टेयर गन्ने की फसल बरबाद हो चुकी है।
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जनपद के करीब 4.50 लाख किसान परिवार चीनी मिलों को गन्ना बेचकर जीवन यापन कर रहे हैं। पेराई सत्र 2019-20 में किसानों ने नौ चीनी मिलों को 1292.44 लाख क्विंटल गन्ना बेचा था, जिसके सापेक्ष चीनी मिलों को 41 अरब 56 करोड़ 77 लाख 79 हजार रुपये गन्ना मूल्य भुगतान करना है। यह भुगतान गन्ना खरीदने की तिथि से 14 दिन के अंदर किया जाना था, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी चीनी मिलों ने किसानों का पूर्ण भुगतान नहीं किया है, बल्कि टुकड़ों में धीरे-धीरे भुगतान कर रहे हैं। 10 सितंबर 2020 तक चीनी मिलों ने 25.87 अरब का भुगतान किया, लेकिन अब भी मिलों पर 15.62 अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। इससे गन्ना एक्ट के नियम के मुताबिक चीनी मिलों पर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य पर एक अरब 34 करोड़ 60 लाख रुपये ब्याज की देनदारी बन चुकी है। गन्ना मूल्य भुगतान शीघ्र कराने के लिए किसान संगठन लगातार डीएम को ज्ञापन के माध्यम से मांग कर रहे हैं, लेकिन चीनी मिलें अपने अड़ियल रवैये पर कायम हैं। जबकि गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा करके डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह भी चीनी मिल अध्यासियों को कई बार नोटिस जारी कर चुके हैं।
बाढ़-कटान भी किसानों पर कर रहा चोट
जनपद की तहसील पलिया, निघासन, धौरहरा और लखीमपुर क्षेत्र में शारदा और घाघरा नदियों से आने वाली बाढ़ और कटान से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस वर्ष बारिश के सीजन में आई बाढ़ और कटान से 10826 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है, जिसमें 9009 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों को नुकसान हुआ है। जबकि 1026 हेक्टेयर जमीन कटकर नदियों में समा गई है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 1299.13 करोड़ की फसलों को नुकसान हुआ है।
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चीनी मिल वार बकाया गन्ना मूल्य (लाख में)
गोला 37372.65
पलिया 33260.14
खंभारखेड़ा 26079.54
ऐरा 26572.00
अजबापुर 10377.21
कुंभी 6406.83
गुलरिया 6834.56
बेलरायां 5866.72
संपूर्णानगर 4154.22
जल्द गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए चीनी मिलों के अध्यासियों को नोटिस जारी की गई है। कुछ चीनी मिलें लगातार भुगतान कर भी रहीं हैं। बाढ़-कटान से फसलों को नुकसान हुआ है, जिसके लिए किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। शासन से धनराशि की डिमांड की जा चुकी है।
शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
किसान बोले तरस खाओ.. घर नदी में कट गए अब तो भुगतान कर दो
किसानों के घर शारदा नदी में समा चुके हैं। परिवार दाने दाने को मोहताज हैं, लेकिन चीनी मिलों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। अब तक पुराना भुगतान भी नहीं किया है।
रामलखन वर्मा, कटान पीड़ित किसान
बीते साल का भुगतान चीनी मिल ने अब तक नहीं दिया है, जबकि गांव कटता देख एसडीएम ने आश्वासन दिया था कि कटान पीड़ितों को जल्द गन्ना बकाया भुगतान दिलाएंगे।
सोनू वर्मा, किसान
मेरी कुल जमीन शारदा नदी ने पहले ही निगल ली थी और जो मकान बचा था वह भी नदी में चला गया। यदि बीते वर्ष का ही गन्ना भुगतान चीनी मिल दे देती तो घर का खर्च चल जाता।
शैलेंद्र वर्मा कटान पीड़ित किसान
मेरा घर शारदा नदी में कट गया है और मेरी कुल जमीन भी नदी में समा गई है। बीते साल का भुगतान चीनी मिल नहीं दे रही जबकि कई बार हम लोग प्रार्थना पत्र दे चुके हैं।
ओम प्रकाश वर्मा, किसान
हमारे घर नदी में समा चुके, जमीन भी शारदा नदी में बह गई है, लेकिन गोविंद शुगर मिल को हम किसानों पर भी तरस नहीं आया। अब भी दिसंबर का भुगतान बाकी है। एसडीएम साहब के कहने के बाद भी नहीं मिला।
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धीरज वर्मा, किसान
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