मैलानी। करीब एक सप्ताह पहले एक आरा मशीन से साल की अवैध लकड़ी बरामदगी के मामले में वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी की संलिप्तता मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है, जबकि परिवहन में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली और चालक का अब तक पता नहीं चल सका है।
मुखबिर की सूचना पर शाहजहांपुर से आई वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने 14 अगस्त को भीरा रोड स्थित द्वारका प्रसाद गोयल की आरा मशीन से हाथ के चिरान किए हुए साल के 94 बोटे (वरगे) बरामद कर मशीन स्वामी के बयान दर्ज किए थे। इसमें मशीन स्वामी ने खुटार रेंज में कार्यरत वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी पर आरोप लगाया था कि ये बोटे उन्होंने जबरन चिरान के लिए मशीन पर भिजवाए थे। अवैध लकड़ी मिलने पर मैलानी रेंजर साजिद हसन ने आरा मशीन को सीज कर मशीन स्वामी के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस भी काटा था।
अगले दिन एसडीओ पुवायां दिलीप श्रीवास्तव ने खुटार रेंज पहुंचकर मामले की जांच कर रेंज परिसर में अवैध लकड़ी की भी तलाश की थी। इस दौरान रेंजर डीएस यादव के आवास से दो अलमारी, एक स्टूल का ढांचा और एक मेज नई बनी हुई मिली थी, जिसके कागजात रेंजर नहीं दिखा सके थे। इसकी रिपोर्ट उन्होंने डीएफओ शाहजहांपुर को सौंपी थी।
बताया कि मशीन स्वामी के बयान के आधार पर मामले में वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी की संलिप्तता मानतेे हुए वन संरक्षक बरेली विजय सिंह ने फिलहाल अशोक चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया है। वहीं रेंजर रहे डीएस यादव को उनके आवास से मिले फर्नीचर के कागजात दिखाने के लिए नोटिस दिया गया है। बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक का अभी सुराग नहीं लग सका है और न ही यह सिद्घ हो सका है कि बरामद लकड़ी का कटान कहां से हुआ है।
मामले में खुटार रेंज के वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी का नाम आने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। किसी ने उनके मोबाइल पर लकड़ी भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के सीसी टीवी फुटेज और वीडियो भेजे हैं, लेकिन उसमें ये साक्ष्य नहीं मिल रहा है कि लदान कहां से हुआ है। ट्रैक्टर-चालक की गिरफ्तारी के बाद उसके बयान से ही पता लग सकेगा कि लकड़ी कहां से लादी गई थी। रेंजर को उनके आवास से मिले फर्नीचर के कागजात पेश करने के लिए नोटिस दिया गया है। - दिलीप श्रीवास्तव, एसडीओ पुवायां, शाहजहांपुर
सीसीटीवी फुटेज में खुटार रेंज से जाती दिखी ट्रैक्टर-ट्रॉली
मैलानी। सीसीटीवी फुटेज में लकड़ी से भरी जो ट्रैक्टर-ट्रॉली दिख रही है उसकी लोकेशन देखने से साफ है कि यह खुटार रेंज से भीरा रोड की ओर जा रही है। ये फुटेज खुटार रेंज के पास स्थित एक कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे के बताए जा रहे हैं। यही नहीं फुटेज में जो खड़ंजा दिखाई दे रहा है, वैसा ही खड़ंजा खुटार रेंज से भीरा जाने वाली सड़क पर बिछा है। आसपास की लोकेशन भी कुछ यही बयां कर रही है। इससे साफ है कि लकड़ी खुटार रेंज से ही मशीन पर गई थी और मशीनस्वामी का वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी पर लगाया गया आरोप सही साबित हो रहा है। संवाद
रेंजर डीएस यादव प्रोन्नत, रमाकांत खुटार के रेंजर बने
मैलानी। एसडीओ पुवायां दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि खुुटार रेंजर डीएस यादव की प्रोन्नति होकर उनका यहां से तबादला हो गया है। पुवायां के रेंजर रमाकांत सक्सेना को खुटार रेंज का प्रभार सौंपा गया है। मामले में खुटार रेंज के वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी का निलंबन होने के चलते आरा मशीन से अवैध साल की लकड़ी बरामदगी के मामले में उस समय तक खुटार रेंजर रहे डीएस यादव पर भी गाज गिरने की उम्मीद जताई जा रही है।