लखीमपुर खीरी। धौरहरा वन रेंज के बबुरी भट्ठे पर ईंटों से किए गए हमले में घायल हुए तेंदुए की मौत के मामले में केस दर्ज करने के बाद वन विभाग ने अराजक तत्वों की तलाश तेज कर दी है।
मंगलवार को जब बबुरी भट्ठे पर युवक मिहीलाल पर तेंदुए ने हमला किया तो एक तरफ मिहीलाल अपनी जान बचाने के लिए उससे भिड़ गया था। वहीं बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने तेंदुए पर ईंटों से ताबड़तोड़ वार किए थे।
ईंटों के इन्हीं प्रहारों से आई चोटों के कारण तेंदुए की मौत हुई। इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी हुई है।
इसमें अब यह पड़ताल की जा रही है कि भीड़ में वह कौन अराजक तत्व थे, जिनकी मंशा मिहीलाल की रक्षा के लिए तेंदुए पर ईंट चलाना नहीं थी, बल्कि उन्होंने इरादतन तेंदुए पर हमला किया।
दुधवा टाइगर रिजर्व की बफर जोन के डीडी शौरीष सहाय ने बताया कि जो घटना हुई उसमें प्रथम दृष्टया तो आत्मरक्षा के लिए तेंदुए पर हमला हुआ, लेकिन हमला करने वाली भीड़ ज्यादा थी। इसमें इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं भीड़ में कुछ ऐसे लोग तो शामिल नहीं थे, जिनका मिहीलाल से काेई वास्ता नहीं था।
क्योंकि हमला मिहीलाल को ही बचाने के लिए किया गया बताया जा रहा है, इस कारण पूरे मामले की तह तक जाना आवश्यक है। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद