बांकेगंज ब्लाक की पंचायत ग्रंट नंबर 10 का हाल
हर माह ब्लैक में बिक जाता है खाद्य सुरक्षा का राशन
आम लोगों को सस्ती दर पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी खाद्य सुरक्षा योजना में लापरवाही और भ्रष्टाचार का घुन लग गया है। पिछले एक साल से पात्र परिवारों की सूची बनाने की कवायद चलने के बावजूद अब तक सूची दुरुस्त नहीं हो पाई है। कहीं डबल नाम हैं तो कहीं काफी संख्या में मृतकों और अपात्रों के नाम सूची में शामिल हैं, जबकि पात्र लोग सस्ते अनाज को तरस रहे हैं।
बांकेगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 की खाद्य पात्रता सूची में 2818 नाम शामिल थे। जब खुली बैठक में सूची का सत्यापन किया गया तो इसमें 16 मृतकों के नाम शामिल निकले। इसी तरह सूची में 197 अपात्र चिह्नित किए गए। 196 नाम सूची में दो-दो बार दर्ज मिले। सूची दुरुस्त करके पूर्ति कार्यालय भेजी गई लेकिन अब तक यह सूची दुरुस्त नहीं हो पाई है। जिससे पुरानी सूची के अनुसार ही प्रति माह कोटेदारों को राशन आवंटित हो रहा है। कार्डधारकों को बंटने के बाद लगभग लगभग 80 क्विंटल गल्ला कोटेदार ब्लैक में बेच रहा है। इस मामले की शिकायत पूर्ति विभाग से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते एक-एक दाना अनाज को तरस रहे पात्र लोग अधिकारियों की चौखट पर पात्रता सूची दुरुस्त करने की मिन्नत कर रहे हैं।
ये है पात्रता सूची में शामिल मृतकों की सूची
रमाकांती- दौलतपुर, चमेली- बांकेपुर, शांति देवी-दौलतपुर, तेजाना-बांकेपुर, गंगाराम-कोठीपुर, मैना देवी-जवाहरपुर, तौले-गंगापुर, इत्तिखार-गुलाब नगर, रामवती-हरीपुर, विद्यावती-पसियापुर, बिंद्रावती-केसरीपुर, सीताराम- छेदीपुर, तौले-गंगापुर, निर्मला देवी-नीमगांव, तारावती-मैकूपुर एवं अहिबरन लाल-नीमगांव।
मामला संज्ञान में आया है। बांकेगंज ब्लाक की पंचायत ग्रंट 10 की पात्रता सूची एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त कराकर भेजी जाएगी।
-अभिनव सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, खीरी