बीडीओ पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की मंशा
क्षेत्र पंचायत के अधिकारों को बहाल करने की मांग
आठ अगस्त को ब्लाक मुख्यालयों पर करेंगे तालाबंदी
क्षेत्र पंचायतों पर अपना प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए ब्लाक प्रमुखों ने लामबंद होकर संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। पिछले कुछ सालों में हुई अधिकारों में कटौती को बहाल करने समेत सात सूत्री मांगों का जल्द निस्तारण कराने के लिए शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रमुखों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। साथ ही आंदोलन को धार देने के लिए आठ अगस्त 2016 को समस्त क्षेत्र पंचायत मुख्यालयों पर तालाबंदी कर डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन का एलान किया। चेतावनी दी गई कि पांच सितंबर 2016 तक मांगें पूरी न होने पर सामूहिक रूप से समस्त प्रमुख इस्तीफा दे सकते हैं।
जिला पंचायत सभागार में क्षेत्र पंचायत सदस्यों और प्रमुखों की बैठक में फूलबेहड़ ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि मुन्ना यादव ने राज्य वित्त आयोग से प्राप्त होने वाली धनराशि को ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में बराबर वितरण करने की मांग रखी, जिसका सभी ने समर्थन किया। साथ ही 13वें वित्त आयोग की भांति 14वें वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों के बराबर क्षेत्र पंचायत को धनराशि देने की मांग की। चर्चा के दौरान अधिकारों को बहाल करने की मांग उठाई गई, जिसमें मुख्यत: क्षेत्र पंचायत अधिनियम 1961 की व्यवस्थाएं लागू करने की मांग रखी गई। लखीमपुर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि आशुतोष वर्मा ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मानदेय दिए जाने की मांग की। क्षेत्र पंचायत/विकास खंड/ब्लाक के समस्त वित्त एवं प्रशासनिक कार्य की फाइलें प्रमुखों के अनुमोदन के पश्चात स्वीकृत करने, चतुर्थ राज्य वित्त की धनराशि ग्राम पंचायत एवं जिला पंचायत के समान अनुपात में क्षेत्र पंचायत को देने की मांग उठाई गई। इसके बाद प्रमुखों ने डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा, जिसमें पलिया प्रमुख महेश राही, कुंभी के धर्मेंद्र सिंह, ईसानगर के ऋषिराज, निघासन के प्रेमपति, धौरहरा से पप्पू चौधरी, रमियाबेहड़ से जयप्रकाश समेत सदस्य शामिल रहे।
राज तंत्र का सपना
प्रमुखों ने मांग पत्र के माध्यम से बीडीओ की समस्त सेवाओं को अपने अधीन करने की मांग उठाई है। खासकर वेतन, अवकाश तथा चरित्र पुस्तिका पर प्रमुख के नियंत्रण की पुरजोर ढंग से मांग की गई है। ताकि पंचायतों पर राज तंत्र सुचारू रूप से जनहित में कार्य कर सके।
32 विभागों पर भी नियंत्रण चाहते हैं प्रमुख
उत्तर प्रदेश ब्लाक प्रमुख संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में क्षेत्र पंचायत अधिनियम के मुताबिक 32 विभागों के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं। कृषि, भूमि विकास एवं चकबंदी, लघु सिंचाई एवं जल प्रबंध, पशुपालन, मत्स्य पालन, सामाजिक वानिकी, लघु वन उत्पाद, कुटीर एवं ग्राम उद्योग, ग्रामीण आवास, पेयजल, ईंधन और चारा भूमि, सड़क-पुलिया निर्माण, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य समेत 32 विभाग शामिल हैं।
ये है आंदोलन की रणनीति
आठ अगस्त को क्षेत्र पंचायतों पर तालाबंदी के बाद 19 अगस्त को मंडल स्तर पर ब्लाक प्रमुख प्रदर्शन करेंगे। पांच सितंबर 2016 को प्रदेश भर के ब्लाक प्रमुख और सदस्य लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेंगे। अध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि इसके उपरांत यदि मांगे नहीं मानी गई, तो समस्त प्रमुख और सदस्य सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का बाध्य होंगे।