मैलानी। पूर्वोत्तर रेलवे ने कोहरे के दौरान सुरक्षित रेल संचालन के प्रबंध किए हैं। ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस के अलावा अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, सुरक्षा और संरक्षा रेलवे की मुख्य प्राथमिकता है। कोहरा शुरू होते ही सभी पैसेंजर ट्रेनों और मालगाड़ियों में जीपीएस आधारित फॉग सेफ डिवाइस लगनी शुरू हो गई हैं। ट्रेनें 60 के बजाय 75 किमी प्रति किलोमीटर की गति से दौड़ सकेंगी।
पूर्वोत्तर रेलवे में 857 फॉग सेफ डिवाइस की व्यवस्था की गई है। लखनऊ में 315, इज्जतनगर में 193 और वाराणसी मंडल में 349 फॉग सेफ डिवाइस उपलब्ध कराई गई हैं।
लोको पायलटों की हो चुकी है काउंसलिंग
कोहरे के दौरान पूर्ण ब्लॉक पद्धति और स्वचालित ब्लॉक पद्धति में ट्रेनों के संचालन के संबंध में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में सभी लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों की काउंसलिंग की गई है।
पटरियों की पेट्रोलिंग के फेरे बढ़ाए
कोहरे के दौरान सुरक्षित, सहज परिचालन सुनिश्चित करने को विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पटरियों की निगरानी के लिए पेट्रोलिंग के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। कोहरे में ट्रेनों की संख्या में कमी की जाती है। इस दौरान कुछ ट्रेनों को निरस्त करने के साथ ही कुछ ट्रेनों के फेरे घटाए गए हैं।
कैसे काम करती है फॉग सेफ डिवाइस
यह जीपीएस आधारित उपकरण है। यह घने कोहरे में डिस्प्ले और वॉयस गाइडेंस प्रणाली के माध्यम से लोको पायलट को सिग्नल, समपार फाटक, गति प्रबंध आदि के लिए सचेत करता रहता है।