जिले में बुधवार को भी शीतलहर और कोहरे का कहर जारी रहा। सुबह से छाया घना कोहरा दोपहर बाद कुछ कम तो जरूर हुआ लेकिन आसमान में बादल छाए रहने से सूरज अपनी चमक दिखाने में नाकामयाब रहा। बुधवार को भी दिनभर धूप के दर्शन नहीं हुए। सर्द हवाएं न चलने के बावजूद गलन और दिनों की अपेक्षा ज्यादा रही। इससे बाजार में सन्नाटा रहा।
तराई में शीतलहर और कोहरे का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक पखवाड़े से भी ज्यादा समय से खराब चल रहे मौसम के कारण जिले में सामान्य जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त है। ठंड का असर अब जिले के कारोबार पर भी पड़ने लगा है। दोपहर के पहले बाजार में सन्नाटा ही दिखाई देता है। दुकानदार बताते हैं कि इस समय मुश्किल से दो घंटे की दुकानदारी रह गई है। कड़ाके की ठंड के चलते गांवों से लोगों का शहर में आना कम हो गया है। इसका असर व्यापार पर पड़ रहा है।
कोहरे का जिले की यातायात व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सुबह और शाम दृश्यता कम रहने के कारण वाहन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं। सुबह बिना हेडलाइट जलाए सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। सुबह के समय साइकिल से स्कूल कॉलेज जाने वाले बच्चों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही हैं। एक तो ठंड ऊपर से घना कोहरा दोपहिया वाहन चलाने में पसीने छूट रहे हैं।
कोहरे के कारण लेट रहीं अधिकतर ट्रेनें
मैलानी। घने कोहरे के कारण ऐशबाग-इज्जतनगर और मैलानी-गोंडा रेलखंड की कई ट्रेनें लेट हो गईं। पीलीभीत-ऐशबाग 52237 ढाई घंटे, सीतापुर-पीलीभीत 52238 सीतापुर-पीलीभीत पैसेंजर पौन घंटा, गोंडा-मैलानी 52253 पैसेंजर साढ़े चार घंटे देरी से यहां पंहुची। चूंकि इसी ट्रेन का रैक यहां से मैलानी-ऐशबाग इंटरसिटी फास्ट पैसेंजर बनकर जाता है, इस वजह से इंटरसिटी भी पौने पांच घंटे लेट हो गई। इसके अलावा 52255 गोंडा-बरेली पैसेंजर भी करीब ढाई घंटे लेट रही। इस कारण यात्रियों को परेशानी हुई।