जिला अस्पताल में फिजिशियन कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। चिलचिलाती धूप और उमस के बीच लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। लगातार अधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो रही है। इसके चलते डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि इन दिनों गर्मी और उमस के कारण पसीना अधिक निकलने से डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी में करीब 20 से अधिक मरीज इस तरह पहुंच रहे हैं। पहले यह संख्या 10-12 रहती थी। खासकर धूप में लंबे समय तक रहने वाले लोगों, बाहर काम करने वाले श्रमिकों और पर्याप्त पानी नहीं पीने वालों में इसका खतरा अधिक रहता है।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में मरीजों को तेज प्यास, मुंह सूखना, कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। स्थिति गंभीर होने पर ब्लड प्रेशर कम होने और बेहोशी जैसी समस्या भी हो सकती है। गर्मी में नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस या अन्य उपयुक्त इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन भी किया जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
तेज प्यास लगना, मुंह और होंठ सूखना, पेशाब कम या गहरे रंग का होना, चक्कर, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी और सुस्ती डिहाइड्रेशन के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। चिकित्सकों ने ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पानी या ओआरएस लेने और समस्या गंभीर होने पर अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा है।