धौरहरा/बिजुआ/मझगईं। शारदा और घाघरा नदियों के उफान और लगातार बारिश से जिले में बाढ़ और जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। धौरहरा तहसील क्षेत्र में करीब 35 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
बेला गढ़ी, ओझापुरवा, भुरजनिया, कैरातीपुरवा, ढुढकी, गोडियनपुरवा, चपकहा, सधुआपुर, दुर्गापुर पड़री, बजहा संकल्पा, बेनौरा, दुलही, रायपुर कमना, रामनगर बगहा और मिलिक समेत कई गांवों में पानी भरा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 40 हजार की आबादी प्रभावित है। घरों में रखा अनाज भी सड़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी प्रभावित होने के बावजूद राहत सामग्री कुछ ही गांवों तक पहुंच सकी है। तहसील प्रशासन के अनुसार चकदहा में एक हजार, गनापुर में 400 और ढुढकी में 12 राहत किट वितरित की गई हैं। इसके अलावा कुछ प्रभावित क्षेत्रों में लंच पैकेट भी बांटे जा रहे हैं। सधुआपुर निवासी कल्लू राम, भगौती प्रसाद, मुन्नालाल यादव, कैरातीपुरवा निवासी बाला चौहान और ओझापुरवा के ग्रामीणों का आरोप है कि जिन गांवों में पानी अधिक है, वहां प्रशासनिक टीमें पहुंच नहीं पा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत किट, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
एसडीएम राशि कृष्णा ने बताया कि अब तक करीब 2600 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। बजहा संकल्पा और लुधौनी में लंच पैकेट भी बांटे जा रहे हैं। सभी प्रभावित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। उधर, बिजुआ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश से रास्ते जलमग्न हो गए हैं। मटहिया बोझवा और इमलिया फार्म के मुख्य मार्गों पर पानी भरने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। मटहिया बोझवा के मुख्य रास्ते पर करीब दो फुट पानी है। इमलिया फार्म से मझौरा जाने वाला रास्ता भी डूब गया है। इसके अगले तीन महीने तक बंद रहने की आशंका है। ग्रामीणों को पलिया जाने के लिए हीरा होकर करीब 30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोठिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी लगातार बारिश के बाद जलभराव हो गया है। पानी के निकास की उचित व्यवस्था नहीं होने से विद्यालय परिसर तालाब में तब्दील हो गया है।
बच्चों की शिक्षा के लिए लाखों रुपये खर्च कर विद्यालय का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के समय पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। हल्की बारिश में भी पूरा परिसर पानी से भर जाता है। बच्चों को पानी से होकर कक्षाओं में जाना पड़ रहा है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
दुूुधवा में जलभराव के दौरान गश्त करते वनकर्मी। स्रोत: विभाग।