लखीमपुर खीरी। बाढ़ का कहर जारी है। शारदा, घाघरा और मोहाना नदी कृषि योग्य भूमि और घरों को लील रही है। शारदा नदी में अब तक 44 घर समा चुके हैं तो 35 घर जद में है। किसी भी समय यह भी नदी में समा सकते हैं। फसलें भी कई दिनों से पानी में डूबी हैं। इससे वे बर्बाद होने लगी है। रमियाबेहड़, ईसानगर और धौरहरा के करीब 50 गांवों में पानी भरने से साठ हजार की आबादी प्रभावित है। प्रशासन अबतक कोई सरकारी मदद नहीं दे सका है। वन विभाग की 20 हेक्टेयर भूमि भी घाघरा ने निगल ली है। उधर, शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से निघासन के कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है।
निघासन। निघासन के उत्तर का हिस्सा शारदा नदी से और दक्षिण का हिस्सा नेपाल से निकली मोहाना नदी की बाढ़ का दंश झेल रहा है। शारदा नदी में आई बाढ़ से मिठुई, मटहिया, बैलहा, लोखंदरपुर, बबुरी, प्रताप गढ़, शंकरी गौढ़ी आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। बाढ़ से मिठुई और मटहिया गांवों के कई हिस्सों में पानी भरा है। मिठुई, ग्रंट नंबर 12 और मटहिया के लोग नाव से आ जा रहे हैं। तहसील प्रशासन की राहत सामग्री ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।
बैलहा प्रधान लालता प्रसाद ने बताया कि गांव से आने-जाने के लिए रपटा पुल बनाया गया था। जिस पर भी पानी भर गया है। इससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। निजी नाव लगाई गई है, जिसके सहारे लोग निकल रहे हैं। बाढ़ का पानी फसलों में भर जाने के कारण धान और गन्नें की फसल गलने लगी है। यदि फसलों में पानी भरा रहा तो फसलें गलकर नष्ट हो जाएंगी। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है।
रैनी गांव के 35 घर नदी की जद में आने से हड़कंप
धौरहरा। तहसील क्षेत्र के ईसानगर ब्लॉक के ओझापुरवा, माझा, बंशीबेली, बनटुकरा, संतरामपुरवा, कैरातीपुरवा, चकदहा, जंगलमटेरा, मिलिक गौढ़ी सहित 50 गांव घाघरा नदी की चपेट में हैं। इन गांवों में पानी भरा है। बृहस्पतिवार को 2.56 लाख क्यूसिक पानी फिर पास किया गया, जिससे यहां के हालात और खराब हो चुके हैं। लोगों के घरों में कमर तक पानी भरा है। इससे पशुओं के लिए चारा लाने में भी लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। पानी में बहकर आ रहे वन्य एवं जल जीवों ने भी ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एसडीएम एस सुधाकरन ने सभी ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों पर चले जाने को कहा है। इधर तहसीलदार अनिल यादव ने बाढ़ राहत चौकी हसनपुर कटौली में 340 बाढ़ पीड़ितों को राहत किट बांटीं। वहीं अब भी सैकड़ों परिवार हैं, जिन्हें अब तक धेले की मदद नहीं मिल सकी है। शारदा नदी का पानी गांवों में भरा हुआ है। रैनी गांव के अबतक 44 घर नदी में समा चुके हैं, जबकि करीब 35 घर नदी की जद में हैं, जो कभी भी कट सकते हैं। इसके अलावा शारदा नदी का पानी मूसेपुर, महराज नगर, भौव्वापुर, हरदी, गुदरिया सरगडा सहित तमाम गांव में भरा है।
घाघरा नदी में समा गई वन विभाग की 20 हेक्टेयर भूमि
धौरहरा। घाघरा नदी बहराइच की नानपारा तहसील और धौरहरा की सीमा पर बहती है। उफनाई घाघरा नदी ने गनापुर, बनटुकरा, संतरामपुरवा, कैरातीपुरवा सहित कई जगहों पर वन विभाग की भूमि को काटकर अपने में मिला लिया। नदी में हजारों पेड़ भी बह गए। नया पौधरोपण भी काफी नष्ट हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह बताते हैं कि करीब 20 हेक्टेयर वन भूमि नदी में समा चुकी है। काफी पेड़ पौधे भी नष्ट हुए हैं।
रैनी गांव के कटान पीड़ितों को राहत किट के साथ गृह अनुदान भी दिया जा रहा है। सभी कटान पीड़ितों के खातों में एक दो दिन में पैसे पहुंच जाएंगे। मुख्यमंत्री आवास भी दिए जाएंगे।
-एस सुधाकरन, एसडीएम, धौरहरा
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भू कटान रोकने को घाघरा की कर रहे पूजा
धौरहरा। घाघरा नदी पोखरा गांव में भू कटान करती आ रही है। अबतक सौ बीघा कृषि योग्य भूमि निगल चुकी है। यहां बाढ़ खंड विभाग ने बचाव कार्य शुरू नहीं कराया है। गांव और कृषि भूमि को बचाने के लिए प्रधान श्रवण कुमार पाठक ने घाघरा नदी का विधिवत पूजा पाठ किया। कन्याओं को भोजन कराया। ग्रामीणों का मानना है कि नदी का पूजन करने से भूमि कटान जरूर रुक जाएगा।
बाढ़ के पानी से डूबीं फसलें, बेहाल किसानों ने की मुआवजे की मांग
बेलराया। भारत नेपाल सीमा की मोहाना नदी की बाढ़ की चपेट में आकर ग्राम पंचायत बेलापरसुआ, कडिय़ा, डांगा, भेड़ौरी, लालापुर आदि के किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ना, धान की फसल पानी भरा होने के कारण बर्बाद हो गई हैं। किसानों को लाखों का आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों ने सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। लेखपाल रोहित वर्मा कहते हैं कि बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
‘पानी कम होते ही जल्द बनेंगी ठोकरें’
तिकुनियां। बाढ़ की त्रासदी और कटान गंभीर समस्या है। मोहाना नदी में पानी कम होते ही बांध या ठोकरों का निर्माण कटान रोकने को किया जाएगा। इसके लिए धन की कमी नहीं है। यह बातें सिंचाई मंत्री बलदेव सिंह ने लखनऊ मिलने पहुंचे सिख संगठन के प्रतिनिधि मंडल से कहीं। ग्राम पंचायत खैरटिया निवासी किसान सज्जन सिंह, इंद्र नगर निवासी लखबीर सिंह उर्फ लक्खा, चीनी मिल बेलरायां के पूर्व संचालक गुरमीत सिंह रंधावा, समाजसेवी हरि भगवान शर्मा सिंचाई मंत्री से बुधवार को मिले थे। किसानों ने बताया कि मंत्री ने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि धन की कमी नहीं है। जल्दी ही मोहाना नदी में पानी कम होने पर बांध अथवा ठोकरों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
शारदा का कहर जारी, जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर एक बार फिर से गिरने लगा है। नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। जिसके कारण नदी तेजी से कटान कर रही है। जंगल नंबर सात में बंधे के पास तेज धार के साथ नदी बंधा काटने पर तुली हुई है। हालांकि यहां पर बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है। उधर दूसरी तरफ बरुआ कलां में खेतिहर इलाके को नदी लगातार काट रही है यहां पर सैकड़ों एकड़ फसल नदी में समा चुकी है लेकिन कटान बंद नहीं हुआ है।
शुक्रवार को भी नदी का जलस्तर घटा। जल आयोग का कहना है कि शुक्रवार को शाम चार बजे तक शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.100 सेमी से 41 सेमी ऊपर 154.510 सेमी पर बह रहा था। नदी का घटता जलस्तर तेजी से कटान कर रहा है। कटान प्रभावित कई गांवों के ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। नदी सेे जंगल नंबर सात में बनाया गया बंधा भी कट रहा है, जिसे बचाने के प्रयास जारी हैं।