लखीमपुर खीरी। परिवहन विभाग में रोजाना वाहनों की फिटनेस कराने की व्यवस्था नहीं है। संभागीय निरीक्षक (आरआई) की स्थायी नियुक्ति न होने से पिछले दो माह से सप्ताह में मात्र तीन दिन ही फिटनेस का काम होता है। बाकी समय में चालक मौत बनकर वाहनों को दौड़ा रहे हैं। जिम्मेदारों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता।
शुक्रवार को बिजुआ पुलिस चौकी के पास चलती स्कूल बस का पिछला पहिया अचानक निकलकर 50 मीटर दूर एक ई-रिक्शा से टकरा गया था। घटना के वक्त बस में करीब 40 विद्यार्थी मौजूद थे। उनकी जान सांसत में फंस गई थी। गनीमत रही कि उस समय बस की गति धीमी थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
परिवहन विभाग में पहले संभागीय निरीक्षक पंकज सोनी थे, जिनका दो माह पहले आंबेडकर नगर तबादला हो गया। शासन ने उनकी जगह अभी तक स्थायी तैनाती नहीं की है, तब से विभाग में फिटनेस कराने को लेकर एक बड़ी समस्या हो गई है। सीतापुर के संभागीय निरीक्षक संजय कुमार के पास लखीमपुर का अतिरिक्त चार्ज है, जो सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को यहां आकर कामकाज देखते हैं।
इन्हीं तीन दिनों में वाहनों की फिटनेस का काम होता है। अगर किसी अन्य दिन कोई फिटनेस कराना चाहें तो हो ही नहीं सकती।
-835 में 45 स्कूली बसें मिली थीं खटारा
परिवहन विभाग में जिलेभर के 835 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। विभाग की ओर से वाहनों की फिटनेस की जांच कराई गई, जिसमें 45 वाहनों में कोई न कोई दिक्कत थी। इसके बाद भी यह सड़कों पर दौड़ रही थीं। विभाग की ओर से सभी वाहन स्वामियों व स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद अफसर भी शांत होकर बैठ गए।
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ऑनलाइन जमा होता है शुल्क, मिलती है तारीख
-वाहन की फिटनेस के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया है, जिसका शुल्क भी ऑनलाइन जमा होता है। तिथि भी ऑनलाइन बुक होती है। संभागीय निरीक्षक की मौजूदगी वाले सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को ही तिथि मिलती है। अच्छी बात यह है कि वाहन स्वामी खुद अपने सुविधा के अनुसार तिथि चुन सकते हैं।
एम वाहन एप से वाहनों की होती है फिटनेस
वाहनों की फिटनेस एम वाहन एप से से की जाती है। वाहन के चारों ओर आगे सफेद, पीछे लाल और साइड में पीली रेडियम पट्टी होनी चाहिए। सभी लाइटें व इंडीकेटर, फर्स्ट एड बॉक्स, टायर, दुआ, वाहन की कंडीशन देखने और उसकी एम वाहन एप पर वाहन के आगे, पीछे, दोनों साइट, चेचिस नंबर व डैशबोर्ड के फोटो अपलोड करने पर फिटनेस प्रक्रिया पूरी होती है।
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