यूपी सरकार ने पिछड़े वर्ग में शामिल मछुआ समुदाय के विकास के लिए दरियादिली दिखाई है। वर्ष 2015-16 में उनके लिए शासन से स्वीकृत होने वाले आवासों के लिए अनुदान की धनराशि 75 हजार से बढ़ाकर 3.05 लाख रुपये कर दी गई है। आंकड़ों पर गौर करें इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार से मिलने वाला अनुदान के अपेक्षा राज्य सरकार का अनुदान कई गुना ज्यादा है। इस वर्ष जिले में मछुआ समुदाय के लिए लोहिया आवास की तर्ज पर 10 आवासों का निर्माण कराया जाना है।
सहायक निदेशक मत्स्य अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि पूर्व में मछुआ समुदाय को केंद्र पुरो निधानित मछुआ कल्याण योजना के अंतर्गत आवास के लिए अनुदान की धनराशि 75 हजार रुपये ही मिलता था, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार का 50-50 फीसदी ही योगदान होता था। इसके तहत केंद्र से मिलने वाला अनुदान 35.500 रुपये ही है। लेकिन राज्य सरकार ने अब इस योजना में मछुआ समुदाय को अनुदान के रूप में 2.75 लाख रुपये देगी। साथ ही आवासों में अब दो कमरे, एक बरामदा, किचन और बाथरूम बनाया जाएगा। इससे पूर्व योजना में एक ही कमरा बनाने का प्रावधान था। सहायक निदेशक ने बताया कि इस वर्ष जिले में 10 मछुआ आवास बनाए जाएंगे। जिसमें लाभार्थियों का चयन लोहिया आवास के लिए किए जा रहे चयन की तर्ज पर किया जाएगा ताकि योजना में सही लाभार्थियों का चयन हो सके।
बढ़ी धनराशि का इन्हें भी फायदा
मछुआ आवासों के लिए वर्ष 2014-15 में बिजुआ ब्लाक की ग्राम सभा कुंवरपुर के मजरा बझेड़ा में 10 परिवारों का चयन किया गया था। जिन्हें आवास के लिए 75 हजार रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत हुई थी। सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि इन लाभार्थियों को भी अब वर्ष 2015-16 के लिए स्वीकृत अनुदान राशि मिलेगी और लोहिया आवास की तर्ज पर ही मछुआ आवास भी बनेगा।