भवानी गंज गांव के तालाब में प्रदूषित पानी पहुंचने से मरीं मछलियां। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। शहर के निकटवर्ती गांव भवानीगंज के तालाब में जहरीला पानी पहुंचने से लाखों की कीमत की मछलियां मर गई हैं। मत्स्य पालकों ने चीनी मिल पर डिस्टलरी का जहरीला पानी बाहने का आरोप लगाया है।
मत्स्य जीवी सहकारी समिति की अध्यक्ष मीनू पत्नी स्वर्गीय गोरेलाल, मनोज कश्यप और रविंद्र कश्यप ने एसडीएम युगांतर त्रिपाठी को दिए पत्र में कहा है समिति के नाम भवानी गंज 10 एकड़ का तालाब का पट्टा है। समिति मत्स्य पालन के लिए प्रति वर्ष 32,000 रुपये लागान देती है। आरोप है कि 28 जुलाई की सुबह गोला शुगर मिल के डिस्टलरी यूनिट से जहरीला पानी आने से तालाब की सभी मछली मर गईं। इस घटना से लगभग दस लाख रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। इसका जिम्मेदार मिल प्रबंधन है। मत्स्य पालकों ने घटना की जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी।
चीनी मिल ने कहा नहीं पहुंचा आसवानी का पानी
चीनी मिल के मीडिया प्रभारी सतीश श्रीवास्तव ने बताया कि आसवनी इकाई शून्य उत्प्रवाह पर आधारित है। आसवनी इकाई से किसी भी प्रकार का उत्प्रवाह निस्तारित नहीं किया जाता है। इसके अलावा सीपीसीबी एवं यूपी पीसीबी के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्णतः कड़ाई से पालन किया जाता है। ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए कैमरे लगे हुए हैं। गोला चीनी मिल शुगर का पेराई सत्र का समापन दिनांक तीन मार्च 2026 को हो गया था। आसवनी इकाई 09 अप्रैल 2026 से लगातार बंद है। शुगर मिल की बाउंड्री से लगभग 200 मीटर की दूरी पर तालाब है। इसके बीच में रेलवे लाइन है एवं रेलवे लाइन के बाद लगभग 50-60 फीट की रेलवे की आरसीसी पक्की सड़क बनी है ऐसे में चीनी मिल व आसवनी के पानी का कोई प्रश्न ही नहीं है।