फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: पहले खेत निगले, अब घरों की तरफ बढ़ रही घाघरा

Wed, 29 Jul 2026 11:07 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
बहेलियनपुरवा चकदहा में भू-कटान करती घाघरा नदी। संवाद
विज्ञापन
धौरहरा। ईसानगर क्षेत्र के बहेलियनपुरवा मजरा चकदहा में घाघरा नदी की तेज कटान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नदी उपजाऊ कृषि भूमि के साथ गन्ना, मक्का और धान की खड़ी फसलों को काटते हुए गांव की ओर बढ़ रही है।
विज्ञापन

खेतों के बाद आबादी पर खतरे की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं। उनका आरोप है कि सूचना देने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा। बहेलियनपुरवा निवासी बाला चौहान, मैकू यादव, प्यारेलाल, रामप्रताप और दशरथ यादव सहित कई किसानों के मुताबिक उनकी उपजाऊ कृषि भूमि और खड़ी फसलें नदी में समा रही हैं। कटान की रफ्तार लगातार बढ़ने से अब उन्हें खेतों के साथ घरों और भविष्य की भी चिंता सता रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि घाघरा की कटान से पहले भी ईसानगर क्षेत्र के कई गांव अपना अस्तित्व खो चुके हैं। पिछले वर्ष भी कई एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई थी, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने का कोई स्थायी उपाय नहीं किया गया। इस वर्ष नदी फिर लगातार कृषि भूमि को अपनी जद में लेते हुए गांव की ओर बढ़ रही है, जिससे उसके अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।
विज्ञापन

किसानों का आरोप है कि कटान रोकने के लिए हर साल योजनाएं और दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थायी इंतजाम नहीं हो पाते।
कहीं करोड़ों रुपये की परियोजनाएं बेअसर साबित हुईं तो कहीं अधिकारी मौके पर पहुंचना भी जरूरी नहीं समझते। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर प्रभावी कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है।
तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि कटान की सूचना मिली है। राजस्व टीम मौके पर भेजी गई है। बचाव कार्य के लिए बाढ़ खंड को लिखा गया है और जल्द बचाव कार्य शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें