पिता नरपत जैन ने बताया कि 21 अप्रैल को बेटे को कुछ दिक्कत महसूस हुई। आराम न मिलने पर 25 अप्रैल की जिला अस्पताल ले गए, लेकिन बेड न मिलने कर कारण लखनऊ जिले के अटरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया।
लखीमपुर खीरी जिले में ब्लैक फंगस का एक मामला सामने आया है। शहर के रेडीमेड कपड़ा व्यापारी गजेंद्र जैन इसकी चपेट में है। हालांकि उनका इलाज लखनऊ के एक अस्पताल में चल रहा है।
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उनके पिता नरपत जैन ने बताया कि 21 अप्रैल को बेटे को कुछ दिक्कत महसूस हुई। आराम न मिलने पर 25 अप्रैल की जिला अस्पताल ले गए, लेकिन बेड न मिलने कर कारण लखनऊ जिले के अटरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। वहा पर आंख, दात, कान में दर्द होने पर गोमतीनगर के अस्पताल लेकर गए। जहां पर दूसरी बार एमआरआई होने पर ब्लैक फंगस की जानकारी लगी। बेटे का इलाज वहीं पर चल रहा है।
व्यापारी को कुछ दिन पहले कोविड हुआ था, जिन्हें इलाज के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। व्यापारी ने कोविड से तो जंग जीत ली, लेकिन अब उन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी ने जकड़ लिया है।
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बताया जाता है कि कोरोना से जंग जीतने के बाद व्यापारी अस्पताल से डिस्चार्ज होने ही वाले थे कि उन्हें नाक और आंख में कुछ दिक्कत महसूस हुई तो उनके बताए अनुसार डॉक्टरों ने उनकी जांच शुरू कर दी तो जांच में डॉक्टरों को ब्लैक फंगस की पहली स्टेज दिखाई दी। लखनऊ के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने व्यापारी का कोरोना के बाद ब्लैक फंगस का इलाज शुरू कर दिया है।