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तिकुनिया हिंसा में हुई पहली जमानत, मंत्री टेनी के साले को मिली जमानत

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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में सोमवार को पहली बार किसी आरोपी की जमानत मंजूर हुई। सीजेएम चिंताराम ने पलिया के ब्लॉक प्रमुख और केंद्रीय मंत्री टेनी के साले वीरेंद्र शुक्ला की जमानत सोमवार को सुनवाई के बाद मंजूर कर ली। अदालत ने अपने जमानत आदेश में बीस-बीस हजार रुपये की दो जमानतें दाखिल करने पर आरोपी वीरेंद्र शुक्ला को न्यायिक अभिरक्षा से मुक्त किया है।
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तिकुनिया हिंसा में तीन जनवरी को अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद चौदहवें आरोपी के रूप में पलिया ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला चर्चा में आ गए थेे। अपने आरोप पत्र में एसआईटी ने घटना को अंजाम देने वाली स्कार्पियो को छिपाने और जांच टीम को गलत सूचनाएं देकर साक्ष्य को छिपाने के लिए उन्हें दोषी पाया था। इसके चलते स्कार्पियो के स्वामी वीरेंद्र शुक्ला पर आईपीसी 201 की धारा लगाई गई थी और उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया था। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत ने जेल में बंद आरोपियों के साथ ही वीरेंद्र शुक्ल के खिलाफ समन जारी किया था। सोमवार को अदालत में अभियुक्त वीरेंद्र शुक्ला की ओर से आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की गई, जिसे सुनवाई के बाद सीजेएम चिंताराम ने मंजूर कर लिया और वीरेंद्र शुक्ला को कटघरे में ले लिया। इसके साथ ही उनके वकील अनिल त्रिवेदी ने जमानत अर्जी पेश कर दी। इस पर एसपीओ एसपी यादव ने अपनी रिपोर्ट लगाने के बाद पत्रावली अदालत में पेश की। जहां जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद सीजेएम चिंताराम ने बीस-बीस हजार रुपये की दो जमानतें दाखिल करने पर आरोपी वीरेंद्र शुक्ला को छोड़ने का आदेश पारित कर दिया। शाम को जमानतें दाखिल करने पर आरोपी को सशर्त रिहा कर दिया गया कि सुनवाई की तिथि को अभियुक्त व्यक्तिगत रूप से जिला जज अदालत में पेश होगा।
अदालत ने सभी आरोपियों को प्राप्त कराई नकल
तिकुनिया हिंसा में सीजेएम अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद पहली पेशी के दौरान ही अदालत के आदेश पर एसआईटी की ओर से बचे हुए सभी अभियुक्तों को आरोप पत्र और केस डायरी से जुड़ी छायाप्रतियां प्राप्त कराई गई। एसपीओ एसपी यादव ने बताया कि अभियुक्तों के अधिवक्ता रामाशीष मिश्र और चंद्रमोहन सिंह सहित कई वकीलों को नकलें प्राप्त करा दी हैं। बताया कि एसआईटी की ओर से जिन छायाप्रतियों को अति आवश्यक समझा गया है उन्हें अभियुक्तों को प्राप्त कराया गया है जरूरी नकलों को रोकने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र अभियोजन की ओर से दिया गया है।
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जिला जज के सुपुर्द की गई तिकुनिया हिंसा की सुनवाई
तिकुनिया हिंसा में सुनवाई का बोझ संभाले हुए सीजेएम चिंताराम ने सोमवार को यह जिम्मेदारी जिला जज अदालत को सौंप दी। सीजेएम अदालत ने सेामवार को चौदहवें आरोपी के रूप में नामित वीरेंद्र शुक्ल को जमानत देने के साथ ही सीआरपीसी 207 के तहत आरोपियों को केस से जुड़ी नकलें प्रदान कर दीं। इसके साथ पत्रावली निर्णायक सुनवाई के लिए जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में सुपुर्द कर दी गई है। वहीं वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि सीजेएम अदालत से तिकुनिया हिंसा की सुनवाई जिला जज अदालत में भेजने के साथ ही अदालत ने लोक अभियेाजक के रूप में डीजीसी क्रिमनल अरविंद त्रिपाठी को सूचित कर दिया है। संवाद
20 जनवरी को होगी जिला जज अदालत में पहली सुनवाई
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में सोमवार को सुनवाई के लिए जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में पत्रावली भेज दी गई है। जहां 20 जनवरी की तिथि सुनवाई के लिए मुकर्रर की गई है। इसी दिन जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी जिला जज की अदालत में अभियेाजन केस रखते हुए हिंसा पर संक्षेप में जिला जज को बताएंगे। इसके साथ ही अदालत अभियोजन केस से जुडे़ प्रपत्रों का अध्ययन करने के बाद आरोपियों को सार संक्षेप में उनके खिलाफ प्रस्तुत किए गए अभियोग की जानकारी देगी। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ आरोप विरचित (चार्ज फ्रेम) किया जा सकता है।
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