दतेली गांव में फाइलेरिया जागरूकता कार्यक्रम के तहत जानकारी देते डॉ. योगेंद्र वर्मा। स्रोत : विद
लखीमपुर खीरी। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 10 से 28 अगस्त तक चल रहे आईडीए कार्यक्रम के तहत मंगलवार को नगर पालिका में शिविर लगाया गया। इस अवसर पर नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारियों, आसपास के दुकानदारों समेत लगभग 500 लोगों ने फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से जिला मलेरिया अधिकारी हरि शंकर और फाइलेरिया निरीक्षक सैयद अनस अहमद मौजूद रहे। टीम ने नगर पालिका परिसर में अधिशासी अधिकारी संजय कुमार, सफाई व खाद्य निरीक्षक विकास शुक्ला, मुरारी लाल सूर्यवंशी और आसपास की दुकानों पर मौजूद लोगों को भी दवा खिलाई।
अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी है। इससे बचाव के लिए वर्ष में एक बार यह दवा जरूर लेनी चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी हरि शंकर ने बताया कि फाइलेरिया लाइलाज बीमारी है, जो व्यक्ति को सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित करती है। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार लोग यह दवा न लें। इसे खाली पेट भी न खाएं। उन्होंने अपील की कि हर व्यक्ति दवा का सेवन करे, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
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फाइलेरिया के प्रति लोगों को किया जागरूक
गोला गोकर्णनाथ। गांव दतेली में मंगलवार को कृषक समाज इंटर कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विद्यार्थियों ने लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कॉलेज के प्रबंधक रवि प्रकाश वर्मा और प्रधानाचार्य अनंत प्रकाश सरोज की मौजूदगी में रैली निकाली गई। कार्यक्रम में आए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. योगेंद्र वर्मा ने फाइलेरिया के लक्षण व बचाव के उपाय बताए। डॉ. रूपेश मिश्रा व अमित वर्मा ने भी लोगों को जागरूक किया। प्रबंधक रवि प्रकाश वर्मा ने कहा, फाइलेरिया मच्छरों से फैलता है। इस दौरान एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनिल कुमार, ओम प्रकाश यादव आदि मौजूद रहे। संवाद
दतेली गांव में फाइलेरिया जागरूकता कार्यक्रम के तहत जानकारी देते डॉ. योगेंद्र वर्मा। स्रोत : विद