लखीमपुर खीरी। लखनऊ-लखीमपुर रूट पर यात्री जनरल के टिकट पर आरक्षित कोचों में यात्रा करने को विवश हैं। वजह है, इस रूट पर चलने वाली एकमात्र गोरखपुर-मैलानी एक्सप्रेस अप-डाउन ट्रेन के जनरल डिब्बे में यात्रियों को जगह नहीं मिलती और वे स्लीपर काेच में सफर कर रहे हैं। शनिवार को भी यही हाल देखा गया। जनरल कोच में जगह कम पड़ गई, उनमें भी यात्री खड़े होकर और गेट के पास बैठकर सफर करते दिखे।
गोरखपुर-मैलानी एक्सप्रेस अप-डाउन ट्रेन गोरखपुर से चलकर यह ट्रेन सुबह 10:32 बजे लखीमपुर पहुंचती है। वापसी में यह ट्रेन मैलानी से चलकर शाम 6:48 बजे लखीमपुर आती है। यहां से सीतापुर-लखनऊ होकर गोरखपुर तक जाती है। कम किराया और कम समय के कारण इसमें यात्रियों की भीड़ रहती है।
ट्रेन में महज दो जनरल डिब्बे होने के कारण यात्रियों को जगह नहीं मिलती। मजबूरी में यात्री स्लीपर में घुस जाते हैं। लखनऊ तक यात्रियों की सीट पर पर जनरल टिकट वाले यात्री जमे रहते हैं। यात्रियों की भीड़ का एक बड़ा कारण लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ रूट पर ट्रेनों की कमी है। इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग भी लंबे समय से हो रही है।
रूट पर ट्रेनें बढ़ाने को लेकर लखनऊ में मंथन
शुक्रवार को लखनऊ में पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से आयोजित बैठक में खीरी सांसद व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी समेत कई सांसदों और रेल अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा उठा। ऐशबाग से पलियाकलां के बीच फिर से सेंक्चुरी एक्सप्रेस को दोबारा पटरी पर लाने की मांग की गई। बता दें कि आमान परिवर्तन से पहले छोटी लाइन पर यह ट्रेन चलती थी। लेकिन अब यह बंद है। उधर, लखीमपुर स्टेशन से दिल्ली व मुंबई के लिए ट्रेनें चलाने समेत लखनऊ से मैलानी के बीच दैनिक यात्री ट्रेन की भी मांग उठी।
डेढ़ घंटा देरी से पहुंची मैलानी एक्सप्रेस
शनिवार को गोरखपुर-मैलानी एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटा देरी से पहुंची। ट्रेन 10.32 के बजाय 12.03 बजे लखीमपुर पहुंची। इस ट्रेन से गोला व मैलानी जाने वाले यात्रियों को उमसभरी गर्मी में परेशान होना पड़ा। शुक्रवार को भी यह ट्रेन विलंब से पहुंची थी।
नई ट्रेन रेलवे बोर्ड के आदेश पर चलाई जाती है। बैठक में जो भी सुझाव और मांगे सामने आई हैं। उन पर अध्ययन किया जा रहा है। फिलहाल, पूर्वोत्तर रेलवे ने सुझावों और मांगों पर प्रशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी है। -महेश गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ