लखीमपुर खीरी। गर्मी की शुरुआत होते ही शहर में पेयजल व्यवस्था की हकीकत सामने आने लगी है। सार्वजनिक स्थानों पर लगे सैकड़ों हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में करीब 180 हैंडपंप खराब होने से पानी संकट के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं।
रविवार को की गई पड़ताल में सामने आया कि शहर के कई इलाकों में हैंडपंप या तो पूरी तरह बंद हैं या उनमें बेहद कम पानी आ रहा है। कई जगह पाइप ढीले पड़े हैं तो कहीं पानी सूख चुका है। पहले गर्मी में राहत देने वाले सार्वजनिक नल अब शोपीस बनकर रह गए हैं।
शहर के गुरुगोविंद सिंह चौक, टैक्सी स्टैंड और सपा कार्यालय के आसपास लगे हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। गुरुगोविंद सिंह चौक के सामने लगा हैंडपंप बंद होने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पानी की व्यवस्था ठप होने से समस्या और गंभीर हो गई है।
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इन मोहल्लों में बढ़ी दिक्कत
ईदगाह, शमशेर नगर, गोटय्याबाग, नई बस्ती, काशीनगर, आवास विकास, हाथीपुर, गंगोत्री नगर, शिव कॉलोनी, स्वरूपनगर, सिकटिहा, हिदायत नगर और शाहपुरा कोठी समेत कई इलाकों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों कल्लू, हारून, दिनेश और आदेश श्रीवास्तव का कहना है कि नगर पालिका में कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ हैंडपंपों की मरम्मत तो हुई, मगर वे एक माह के भीतर फिर खराब हो गए। कई स्थानों पर पीला और काला पानी आने से लोग उनका इस्तेमाल भी नहीं कर रहे हैं।
डाक अधीक्षक कार्यालय के बाहर लगा नल गंदा पानी दे रहा है, जबकि लोहिया भवन के पास हाल ही में ठीक कराया गया नल दोबारा खराब हो गया। रोडवेज बस स्टेशन परिसर और सौजन्या चौक के हैंडपंप भी लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नगर पालिका क्षेत्र में हैंडपंप की स्थिति
कुल हैंडपंप : 1382
खराब करीब : 180
पड़ताल में खराब मिले : 16
रिबोर की जरूरत : 100
एक नल रिबोर खर्च : 55,000 रुपये
प्रतिदिन मरम्मत : 4 से 6 हैंडपंप
चार साल से रिबोर नहीं
नगर पालिका क्षेत्र में करीब 100 हैंडपंप रिबोर की स्थिति में पहुंच चुके हैं, लेकिन पिछले चार वर्षों से इसके लिए बजट नहीं मिला है। नतीजतन कई हैंडपंप केवल नाम मात्र के रह गए हैं और गर्मी बढ़ने के साथ संकट गहराने की आशंका है।
शहर में करीब 1,382 से अधिक हैंडपंप लगे हैं और प्रतिदिन चार से छह हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाती है। जहां भी शिकायत मिलती है, वहां टीम भेजकर नलों को ठीक कराया जाता है।
-जितेंद्र सिंह, सहायक अभियंता, जलकल विभाग, नगर पालिका लखीमपुर
मोहल्लों के हैंडपंप खराब होने से लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
-विजय कश्यप, समाजसेवी
रोडवेज परिसर का हैंडपंप खराब होने से दुकानदारों और यात्रियों दोनों को परेशानी होती है। सार्वजनिक हैंडपंप ठीक हो जाए तो बड़ी राहत मिले।
-जावेद, दुकानदार
पहले राहगीरों को सार्वजनिक हैंडपंपों से राहत मिलती थी, अब प्यास लगने पर पानी ढूंढना पड़ता है।
-करन, राहगीर
लोहिया भवन और सदर स्कूल के बाहर सड़क किनारे लगा खराब हैंडपंप। संवाद
लोहिया भवन और सदर स्कूल के बाहर सड़क किनारे लगा खराब हैंडपंप। संवाद
लोहिया भवन और सदर स्कूल के बाहर सड़क किनारे लगा खराब हैंडपंप। संवाद
लोहिया भवन और सदर स्कूल के बाहर सड़क किनारे लगा खराब हैंडपंप। संवाद
लोहिया भवन और सदर स्कूल के बाहर सड़क किनारे लगा खराब हैंडपंप। संवाद