फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आग ने बरपाया कहर: लखीमपुर खीरी के गोड़ियाना गांव में 35 घर जले; शादी की खुशियां भी हो गईं राख

Thu, 08 Jun 2023 12:34 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

धौरहरा क्षेत्र के गोड़ियाना गांव में मंगलवार रात आग ने ऐसी तबाही मचाई, जिसकी चपेट में 35 घर आए गए। लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया। आग से बर्बादी देख ग्रामीणों के आंसू निकल आए। 
विज्ञापन
अग्निकांड के बाद बर्बादी का मंजर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र के गोड़ियाना गांव में मंगलवार रात अज्ञात कारणों से लगी आग ने 35 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से घरों में रखा काफी सामान जलकर राख हो गया। बेटी की शादी से पहले एक परिवार की खुशियां उजड़ गईं। अग्निकांड से हुई बर्बादी देख ग्रामीणों के आंसू छलक आए। 

विज्ञापन


शारदानगर चौराहे से आधा किलोमीटर दूर शारदा तटबंध किनारे बसे गोड़ियाना गांव में मंगलवार रात रामचंद्र के घर में आग लग गई। बताया जाता है कि आग से रामचन्द्र के पड़ोसी कल्लू का घर भी जलने लगा। देखते ही देखते कलावती, संतोष, अशोक, अन्नू, नन्हकू, राममूर्ति, सोबरन, सतान, छोटेलाल, परसराम, रामकुमार, प्रकाश, शिवकुमार, रामलखन, राजेन्द्र, रामरूप, दिनेश, बिंद्रा, सुरेश, बीरबल, उर्मिला, ज्ञानश्री, फूलझारा, जगदंम्बा, राजेश, श्रीधर, रामनरेश, मन्नीलाल, गुड्डू, चमेली, प्रमोद, सुनील समेत 35 घर जल गए। 

ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे। इस बीच ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना के करीब एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने कर्मियों और ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया। घटना में नकदी, जेवर व घर गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। हल्का लेखपाल ने गांव पहुंचकर अग्निकांड से हुए नुकसान का आंकलन किया।

विज्ञापन

पहले बाढ़ और अब आग ने उजाड़ी गृहस्थी

गोड़ियाना गांव के लोगों के जख्म भरने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने पहले बाढ़ की त्रासदी झेली औैर अब आग ने जरूरत का सारा सामान जलाकर राख कर दिया। करीब दस वर्ष पहले शारदा नदी के कटान में गांव कट गया था। तहसील प्रशासन ने शारदानगर चौराहे व बस्ती के पूरब शारदा तटबंध किनारे जमीन देकर बसा दिया था। 

नदी में घर व जमीन जाने के बाद मजदूरी ही मात्र जरिया बचा था। एक दशक बीत जाने के बाद भी इन 80 परिवारों को आज भी छत नसीब नहीं हुई। नदी में जमीन कट जाने के बाद नदी में मछली मार कर और बाहर जाकर लोग अपना व बच्चों का पेट भरते रहे। घास फूस और गोंदी से छप्पर डालकर टटिया लगाकर सिर छिपा कर रहने को मजबूर है।


आग में जला पिंकी की शादी का सामान  
विज्ञापन

शादी की खुशियां भी हो गई राख

गोड़ियाना गांव निवासी शत्रोहन की बेटी पिंकी की शादी छह जून को थी। परिवार में खुशी का माहौल था। घर मेहमानों से भरा था। इन खुशियों के बीच अचानक आग लग गई। जहां मंगलगीत गाए जा रहे थे वहां चीखने चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। बेटी की डोली विदा होने से पहले ही आग लगने से घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। मेहमानों के कपड़े और कीमती सामान भी जल गया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें