तेज बुखार से पीड़ित आठ साल की लक्ष्मी सेहत महकमे की संवेदनहीनता की भेंट चढ़ गई। बीमार होने पर उसे जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया था। जहां वह तेज बुखार से थर-थर कांपती और तड़पती रही, लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। उसे समुचित इलाज देना तो दूर बुधवार देर शाम उसे बिना कोई दवा, पर्चा और डिस्चार्ज स्लिप दिए अस्पताल से भगा दिया गया। मजबूरन परिवार वाले उसे घर ले आए और देर रात उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से बालिका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उधर निघासन क्षेत्र में भी तेज बुखार से बालिका की मौत हो गई।
बांकेगंज। कस्बे से सटे गांव कोठीपुर निवासी अरुण कश्यप की आठ वर्षीय बेटी लक्ष्मी को मंगलवार गले में दर्द होने के बाद बुखार आ गया। इसके थोड़ी देर बाद ही उसे सांस लेने में तकलीफ होने के अलावा उल्टियां आने लगीं। इससे घबराए परिवारीजन लक्ष्मी को इलाज के लिए बांकेगज सीएचसी ले गए। जहां मौजूद डॉक्टर और कर्मचारियों ने बालिका का इलाज किए बगैर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां भी उसे इलाज नहीं मिल पाया। अमर उजाला ने इस संबंध में खबर भी प्रकाशित की। उधर देर शाम स्टाफ ने परिवार वालों से लक्ष्मी को लखनऊ दिखाने के लिए कहते हुए अस्पताल से भगा दिया। परिवार वालों का आरोप है कि उसे बगैर किसी दवा, पर्चा और डिस्चार्ज स्लिप के अस्पताल से भगा दिया। रोते बिलखते परिवारीजनों ने बताया कि वहां से गांव वापस गांव आने के बाद देर रात लक्ष्मी ने दम तोड़ दिया। लक्ष्मी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
निघासन। क्षेत्र के गांव चूराटांडा निवासी बलराम की आठ वर्षीय पुत्री गंगा को अचानक बुखार आया। उन्होंने कस्बे में स्थित एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां दिखाया। हालत अधिक खराब होने के कारण डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। लखीमपुर से लखनऊ ले जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गई।
अब तक इन बच्चों की हो चुकी है मौत
1. 23 अगस्त : गोला की ग्राम पंचायत लाल्हापुर के मोहल्ला हफीजपुर में नजर अली का 11 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अफजल
2. 23 अगस्त : गोला के ही लाल्हापुर के मोहल्ला हफीजपुर के नाजिर अली की 10 वर्षीय पुत्री सोनी
3. 02 सितंबर : गोला के द्वारिकागंज निवासी सतीश कुमार के साढ़े तीन वर्षीय पुत्र जितिन
4. 02/03 सितंबर : बांकेगंज निवासी अरुण कुमार की आठ वर्षीय पुत्री लक्ष्मी
5. 02 सिंतबर : निघासन के गांव चूराटांडा निवासी बलराम की आठ वर्षीय पुत्री गंगा
तो पल्ला झाड़ने को जिला अस्पताल से भगाए जा रहे मरीज
लखीमपुर खीरी। बांकेगंज की आठ वर्षीय लक्ष्मी की तेज बुखार से जान चली गई। मृत बच्ची के पिता अरुण कुमार के अनुसार जिला अस्पताल से उसे यह कहकर भगा दिया गया कि वह बच्ची का लखनऊ में इलाज करवाएं। हालत गंभीर है। वह स्टाफ से तबियत ठीक होने तक भर्ती रखने की मिन्नतें कर रहा था, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। पैसे न होने के कारण उसे किसी और अस्पताल में नहीं दिखा पाया और घर ले आया। आखिर तेज बुखार से कांपती बच्ची ने देर रात दम तोड़ दिया। अरण की व्यथा से यह बात सामने आई है कि जिला अस्पताल का स्टाफ पल्ला झाड़ने के लिए मरीज और उनके तीमारदारों को भगा देते हैं। शायद यही वजह है कि जिला अस्पताल के पास अब तक भर्ती होने वाले मरीजों का डेटा तक नहीं है। इस संवाददाता ने गुरुवार को जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड के स्टाफ से अब तक भर्ती मरीजों की संख्या जाननी चाही तो स्टाफ नर्स ने ओपीडी से आंकड़े मिलने की बात कहकर टाल दिया। स्टाफ नर्स और मौजूद स्टाफ ने अपनी व्यस्तता का हवाला भी दिया।
चिल्ड्रेंन वार्ड में शाम को बेड खाली कराने का भी फरमान
जिला अस्पताल के सूत्रों की मानें तो सीएमओ डॉ वीके साहू का मौखिक आदेश है कि दिन में भर्ती हुए मरीजों की हालत देखकर उन्हें शाम को रेफर किया जाए अथवा छुट्टी दे दी जाए। हर हालत में व्यवस्था बनाने के लिए बेड खाली कराने का निर्देश दिया गया है। इसी के तहत मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
डीएम बोलीं, मामला गंभीर, जांच कराएंगी
डीएम किंजल सिंह ने कहा कि जिला अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज किए जाने के बाद बच्ची की मौत की जानकारी नहीं है। ऐसा हुआ है तो मामला गंभीर है। वह मामले की जांच कराएंगी और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ को बच्ची के भर्ती होने तक की जानकारी नहीं
सीएमओ डॉ वीके साहू को बांकेगंज की बच्ची लक्ष्मी के भर्ती होने की जानकारी तक नहीं है। उन्होंने कहा कि तमाम मरीज भर्ती हो रहे है। हर मरीज के बारे में उन्हें नहीं पता होता। फिलहाल ऐसा है तो वह दिखवाएंगे।