लखीमपुर खीरी। महिला सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर) ने स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अनिल यादव पर मानसिक, मौखिक और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने शनिवार को परिवार के साथ सीएमओ व डीएम को शिकायती पत्र देकर जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
महिला सीएचओ ने शिकायत में बताया कि डीपीएम ने उससे अमर्यादित लहजे में बदतमीजी से बातचीत की। डीपीएम ने कहा कि वह उसे पसंद करता है और पहली बार देखकर ही बात करना चाहता था, लेकिन समय नहीं मिल सका। यह भी कहा कि शादीशुदा न होता तो उससे शादी करता। आरोप है कि बातों-बातों में नेपाल घूमने और होटल चलने का ऑफर दिया। इसके अलावा भी काफी कुछ कहा, जो बताने लायक नहीं है।
पीड़िता के मुताबिक, जब उसने अपने सेंटर से बाहर जाने का प्रयास किया तो उसकी मर्यादा भंग करने का प्रयास किया गया। उसने विरोध करते हुए कहा कि सर, आप यहां से जाइए, नहीं तो शोर मचा दूंगी। आरोप है कि इस पर डीपीएम भड़क गए और कहा कि ज्यादा तेज बनने की कोशिश की तो नौकरी करना भुला दूंगा, सीधा करने के लिए मेरे पास बहुत हथियार हैं। पीड़िता ने कहा कि वह अनुसूचित जनजाति की महिला कर्मचारी है और अनैतिक, अवांछनीय मानसिक एवं यौन उत्पीड़न वाले व्यवहार से काफी डरी-सहमी व मानसिक रूप से परेशान है। वह अपनी मेहनत के दम पर नौकरी कर रही है।
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महिला सीएचओ ने डीपीएम के खिलाफ लिखित शिकायत की है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
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मैं निरीक्षण करने गया था। काफी खामियां मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इससे बचने के लिए सीएचओ की ओर से मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। सभी आरोप झूठे व निराधार हैं।
-अनिल यादव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), स्वास्थ्य विभाग