लखीमपुर खीरी। एलआरपी चौराहे पर सख्ती होने के बाद अब डग्गामार बसों के चालकों ने रास्ता बदल लिया है। अब यह एलआरपी चौराहे न जाकर खीरी टाउन से होकर जल निगम के पास से लखनऊ मार्ग पकड़ रहे हैं।
जल निगम के पास ही सवारियों को बैठाया जाता है। हालांकि, अधिकारी या पुलिस के पहुंचने से पहले ही ये बसें लेकर भाग जाते है। हालांकि, सख्ती के बाद कुछ हद तक डग्गामार बसों पर लगाम लगी है। अभी तक लखीमपुर से लखनऊ के लिए रोडवेज से ज्यादा प्राइवट बसें संचालित थीं। यह बसें अवैध तरीके से चलाई जा रही थीं, जिसका न तो परमिट है और न ही वह अधिकृत हैं। डग्गामार बसों के चालक व परिचालक एलआरपी चौराहे से सवारियों को बैठाकर लखनऊ ले जाते थे। इस वजह से लखीमपुर रोडवेज को रोजाना एक से डेढ़ लाख रुपये तक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
एआरएम ने कई बार जिला प्रशासन को पत्र लिखकर डग्गामार वाहनों को बंद कराने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद अनुबंधित बस एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन शुरू करते हुए बसों का संचालन बंद कर दिया। रोडवेज का चक्का जाम होने के बाद प्रशासन ने ठोस कार्रवाई की रणनीति तैयार की।
एलआरपी चौराहे पर सख्ती दिखाई तो डग्गामार बसों पर लगाम लगी। प्रशासन की सख्ती के बाद अब डग्गामार बसें एलआरपी चौराहे से न जाकर खीरी टाउन होते हुए गुजारी जा रही हैं।