मझगईं/बिजुआ। जिले में बाघ और तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कहीं बाघ की निगरानी के लिए वन विभाग चौकसी कर रहा है तो कहीं तेंदुए के पैरों के निशान देखकर खेतों में काम कर रहे मजदूरों को भागना पड़ा।
मझगईं क्षेत्र के बसंतापुर में घर के पास केले के खेत में बाघ की गतिविधि देखी गई। वहीं, कोल्वा फार्म और आसपास के गांवों में पिछले एक महीने से अधिक समय से दहशत का कारण बने चार बाघों की गतिविधि चौथे दिन भी दर्ज नहीं हुई। उधर, बिजुआ क्षेत्र के बस्तौली गांव में धान के खेत में तेंदुए के पगचिह्न मिलने से मजदूर काम छोड़कर भाग गए। वन विभाग तीनों स्थानों पर निगरानी और गश्त कर रहा है।
मझगईं के बसंतापुर गांव में दिनेश सिंह के घर के पास स्थित केले के खेत में बाघ की गतिविधि देखी गई। मौके पर पैरों के निशान मिलने के बाद ग्रामीणों में दहशत है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निगरानी शुरू कर दी। बाघ की लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाने के लिए गांव में दो ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनके जरिये बाघ की गतिविधियों पर नजर रखकर उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया।