बाढ़ के पानी से घिरा घर
- फोटो : अमर उजाला
तेंदुआ और सियार भी कर रहे हमला
धौरहरा के धूसाखुर्द और आसपास गांवों में तेंदुए की चहलकदमी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा रखी है। कुछ गांवों में सियार के हमले में लोग घायल हो चुके हैं। मैगलगंज क्षेत्र के गांव में भी सियार के हमले में चार लोग घायल हो चुके हैं। शहर से सटे इंदिरा वन मनोरंजन पार्क और खंभारखेड़ा के पास कई महीने से तेंदुए की दहशत है।
बाघ और तेंदुए की दहशत
- 40 से अधिक गांवों में बाघ की दहशत है।
- 10 से गांवों में तेंदुए की चहलकदमी से खौफ है।
बाढ़ प्रभावित गांव
- 05 तहसीलों के गांवों में बाढ़ का पानी भरा है।
- 250 के ज्यादा गांव बाढ़ प्रभावित हैं।
- 02 लाख से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में है।
बाघ को बेहोश करने के लिए बनाया गया मचान
- फोटो : वन विभाग
बाघ को सड़क पार करता देख भागे राहगीर
अलीगंज इलाके में भटपुरवा कॉलोनी के पास बाघ ने वसलीपुर मार्ग को पार किया तो कई राहगीर अपनी बाइक छोड़कर भाग खड़े हुए। गनीमत रही की सड़क पर वाहन होने के कारण बाघ ने हमला नहीं किया।
गोला वन रेंज के गांव वसलीपुर ग्रंट, नाथूपुर में बाघ देखे जा रहे हैं। डर के कारण लोग खेतों की तरफ नहीं जा पा रहे हैं। चाहे गोला वन रेंज का इलाका हो या महेशपुर या फिर मैलानी क्षेत्र सभी स्थानों पर बाघ की चहलकदमी है। खेती किसानी का काम पूरी तरह प्रभावित है।
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सोमवार दोपहर बाद लोग वसलीपुर से गोला और गोला से वसलीपुर तथा अलीगंज आ-जा रहे थे। तभी भटपुरा कॉलोनी के पास वसलीपुर मार्ग को अचानक बाघ पार करने लगा। इससे कई बाइक चालक हड़बड़ाहट में गिरकर घायल हो गए।
वन दरोगा अंकित बाबू ने बताया कि क्षेत्र में बाघ देखे जाने की सूचना मिली थी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौके का निरीक्षण करते हुए लोगों को सतर्क रहने और खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी गई है।