संपूर्णानगर के शारदापुरी क्षेत्र में नोमैंस लैंड पर लगाया गया गन्ना। स्रोत सोशल मीडिया
संपूर्णानगर। नेपाल सीमा के नोमेंसलैंड क्षेत्र में नेपाल की तरफ खेती किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। तार फेंसिंग न होने से खुली सीमा पर नेपाल के लोगों के अतिक्रमण किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
बीते दिनों अंतरराष्ट्रीय सीमा के पिलर संख्या 772 से 776 नए और 205 और 211 पुराने पर अतिक्रमण को लेकर सवाल उठे थे, यह मामला अब तक स्पष्ट नहीं हुआ।
बताया गया है कि सीमांकन के तहत सीमा पर नौ-नौ फुट की पट्टी खाली रहनी चाहिए। वर्तमान समय में इसी पट्टी पर अतिक्रमण की आशंका जताई जा रही है। 49वीं वाहिनी एसएसबी के शारदापुरी क्षेत्र के पिलर संख्या 774, 775, 776 के कुछ हिस्से में भी नेपाल के नागरिकों के गन्ने की खेती करने का मामला सामने आया है। इस संंबंध में जवानों ने मना भी किया और हिदायत भी दी है।
दूसरी तरफ कमलापुरी क्षेत्र के पिलर संख्या 772 से 774 पर एक पिलर भी गिरा है और साथ ही एक पेड़ की जड़ बड़ी होने से सीमा पर अतिक्रमण दिख रहा है। इस बारे में 49वीं वाहिनी डी कंपनी शारदापुरी के प्रभारी निरीक्षक हरवंश सिंह ने बताया कि सीमा पर नेपाल के एक व्यक्ति ने खेती की है, जबकि यह भूमि भारत में आती है। कई बार हिदायत भी दी गई है। शीघ्र ही एपीओ को बुलाकर वार्ता करेंगे।
कहा कि नोमेंसलैंड पर अतिक्रमण को लेकर मौके पर देखकर ही बता पाएंगे। उधर कमलापुरी प्रभारी दीपक सांगवान ने बताया कि 772/12 से 774 के बीच एक पिलर गिरा है जो दोनों देशों की सर्वे दल की मौजूदगी में उठाया जाएगा। बाकी अतिक्रमण कहीं नहीं है।