लखीमपुर खीरी। मामूली कहासुनी के बाद भाजपा नेता और उनके सहयोगियों पर किए गए हमले के मामले में 12 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया। जिला जज शिवकुमार सिंह ने पिता-पुत्र और सगे भाइयों समेत आठ दोषियों को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर साढ़े सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 16 अगस्त 2014 की सुबह करीब नौ बजे भाजपा नेता अनूप शुक्ला अपने रिश्तेदारों और सहयोगी अशोक अवस्थी के साथ महोला स्थित फार्म हाउस पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान गांव के ही प्रेम और उसके पिता सोबरन लाल अपने साथियों उमाकांत, मोहन, अमरीका, छोटेलाल, राजेंद्र और त्रिभुवन के साथ वहां पहुंचे। सभी लाठी-डंडों, बांका, बंदूक और रायफल समेत नाजायज असलहों से लैस थे।
बताया गया कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों में पहले से रंजिश चली आ रही थी। घटना से कुछ समय पहले ही अनूप के भाई राजेश शुक्ला के नौकर सुभाष को भी आरोपियों ने पीटा था, जिसकी रिपोर्ट खीरी थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद आरोपियों ने चार पहिया वाहन से पहुंचकर फायरिंग की और बांका से हमला कर भाजपा नेता अनूप शुक्ला समेत उन्हें बचाने आए मिथुन और सुभाष को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अनूप शुक्ला, सुभाष अवस्थी, मिथुन अवस्थी, डॉ. एसके मिश्र, हेड कांस्टेबल दिनेश चंद्र मिश्र, डॉ. वीके वर्मा, निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, निरीक्षक वीरपाल सिंह और अशोक अवस्थी सहित कई गवाहों ने बयान दर्ज कराए।
भाजपा नेता ने लाइसेंसी रायफल और बंदूक लूटे जाने का भी आरोप लगाया था, लेकिन अदालत ने आठों आरोपियों के खिलाफ एक राय होकर हमला करने और घातक हथियारों से चोट पहुंचाने का आरोप साबित पाया। इसी आधार पर सभी को दो-दो साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई।