440 वोल्ट का तार टूटकर फेंसिंग में छू जाने से उतर आया था करंट
परिवार में मचा मातम, तहसीलदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे
संपूर्णानगर। थाना क्षेत्र के गदनियां गांव में खेत के किनारे लगी तार की फेंसिंग में 440 वोल्ट की बिजली लाइन का तार छूट जाने से खेत देखने गए एक बुजुर्ग और उसके पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई। सूचना पर तहसीलदार, संपूर्णानगर थाना प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पीएम के लिए भिजवाया है।
संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के गदनियां गांव निवासी बद्री प्रसाद शुक्ला के 65 वर्षीय पुत्र ओमप्रकाश शुक्ला सुबह तड़के खेत की ओर गए थे। यहां पास में ही उनका मकान भी बन रहा है। खेत के बाहर तार की फैंसिंग लगी हुई है, जिसमें बीती रात खेत के ऊपर निकली 440 वोल्ट लाइन का तार टूटकर गिर गया, जिससे फेंसिंग के तार की चपेट में आने से ओमप्रकाश को करंट लग गया। चीख पुकार सुनकर पुत्र 35 वर्षीय दीप शुक्ला भी दौड़ते हुए वहां पहुंचा और पिता को बचाने का प्रयास करने लगा, जिससे वह भी करंट की चपेट में आ गया। मौके पर ओमप्रकाश की मौत हो गई, जबकि पुत्र दीप की महज सांसें चल रहीं थीं। लोगों ने बचाने का प्रयास किया और अस्पताल में भी सूचना दी। कुछ ही देर में दीप ने भी दम तोड़ दिया। पिता-पुत्र की एक साथ मौत हो जाने के बाद लोगों की भीड़ मौके पर लग गई। सूचना पर तहसीलदार आशीष कुमार सिंह व कोतवाल बलवंत शाही भी पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पीएम के लिए भिजवाया है। तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने परिजन को सरकारी सहायता राशि दिलवाने का आश्वासन दिया है साथ ही विद्युत विभाग से भी मदद दिलाने की बात कही है।
खेतों से निकलीं हाईटेंशन बिजली की लाइनें ले चुकी हैं कई लोगों की जान
पलियाकलां। खेतों से निकली हाईटेंशन बिजली की लाइन जर्जर होकर टूटकर गिरने से करंट की चपेट में आकर कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। बिजली विभाग की लापरवाही कहें या उदासीनता की खेत से निकली लाइन की कभी सुध नहीं लेते और तार टूटकर गिरने से उसकी चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। बताया गया कि खेतों से निकले खंभों को हटाने के लिए कई बार प्रार्थनापत्र दिया गया, लेकिन बिजली विभाग ने नहीं सुनी और पिता-पुत्र की मौत हो गई।
खेत में लगे खंभों से होकर 440 वोल्ट की बिजली लाइन गुजरती हैं। लोगों के मुताबिक, खेतों के बीच लगे खंभों को हटाने के लिए खेत मालिकों द्वारा बिजली विभाग को भी कई बार कहा जा चुका है। लिखित रूप में प्रार्थना पत्र भी दिए जा चुके हैं।
उधर, घटना के समय मौजूद लोगों ने बताया कि मृतक ओमप्रकाश और दीप का खेत के किनारे ही मकान बन रहा है। मकान के आगे चकरोड है तो पीछे खेतों में फसलें लगी हुईं हैं, जिनकी तार फेंसिंग भी लोहे के तारों से की गई है। इन्हीं तारों पर खंभों का तार टूटकर छू गया, इससे फेंसिंग के तारों में भी करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। मृतक दीप के दो पुत्र हैं, जिसमें बड़ा पुत्र कार्तिक 14 साल का है, जबकि किशन 12 साल का है। मृतक की पत्नी सीमा समेत बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं वृद्ध ओमप्रकाश की पत्नी का भी बुरा हाल है।
बालू के गड्ढे में दबाया, लेकिन नहीं बची जान
मृतक दीप शुक्ला की धड़कन चलते देख मौके पर लगी भीड़ ने उनको बालू के गड्ढे में भी दबाया ताकि ठंडी बालू से कुछ ठंडक मिले और उनकी जान बच सके, लेकिन बालू में दबाने के बाद कुछ देर तो दीप की सांसें चलती रहीं, लेकिन अंत में सांसों ने उसका साथ छोड़ दिया।
दीप (फाइल फोटो)