पलिया के देवीपुर में लगाया गया पिंजरा। स्रोत: विभाग
पलियाकलां। तहसील के तहत आने वाले ग्राम देवीपुर के मजरा गजरौरा में बुधवार शाम तेंदुए के हमले में मारे गए मासूम बच्चे के परिवार को वन महकमा पांच लाख रुपये का मुआवजा देगा। मृतक के पिता को वाचर की नौकरी की पेशकश भी की गई है।
21 जनवरी की शाम करीब चार बजे ग्राम देवीपुर निवासी प्रीतपाल सिंह के फार्म पर गन्ने की छिलाई का काम चल रहा था। यहां परसिया निवासी श्रमिक राधे उर्फ राजू अपनी पत्नी और बेटे आराध्यम के साथ काम कर रहे थे।
गन्ने के खेत में छिपे एक तेंदुए ने अचानक आराध्यम पर हमला कर दिया था। इससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय वन अधिकारी पलिया रेंज की उपस्थिति में ग्रामीणों और वन महकमे के बीच सहमति बनी। इसके तहत विभाग ने अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिवार को तत्काल 20 हजार की नकद दिए और शासनादेश के अनुसार मृतक के आश्रितों को तहसील के माध्यम से पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलवाने का आश्वासन लिखित दिया गया। इसके अलावा मृतक के पिता राधे उर्फ राजू को वन विभाग में वाचर की नौकरी देने की पेशकश की गई। इसके तहत उन्हें 26 दिन प्रतिमाह काम करना होगा और भुगतान 237 रुपये प्रतिदिन कुल 6,162 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से देने की बात कही गई।
वन महकमे ने क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से पिंजरा लगा दिया है।
बृहस्पतिवार को नहीं हुआ अंतिम संस्कार
तेंदुए के हमले में मारे गए मासूम आराध्यम का पोस्टमाॅर्टम देरी से होने के चलते उसका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को नहीं हो सका है। यह भी बताया गया है कि उसका शव पैतृक गांव परसिया ले जाया गया है, वहीं उसका संस्कार किया जाएगा।
वर्जन
यह एक अत्यंत दुखद घटना है। विभाग पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और तेंदुए को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगा दिया गया है।
शिवबाबू सरोज उपक्षेत्रीय वन अधिकारी, पलियाकलां रेंज