दोपहर बाद हुई तेज बरसात से शारदा का जलस्तर बढ़ा
दोपहर बाद हुई मूसलाधार बरसात से एक बार फिर से शारदा में उफान आने लगा है। जलस्तर बढ़ने से कटान तेज हो गई। इसके चलते ग्रामीणों के चेहरे पर एक बार फिर से चिंता की लकीरें घिर आई हैं। वहीं बारिश से धान की फसलों में पानी लगाने वाले ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी की लहर भी दौड़ गई।
बीते कई दिनों से बारिश न होने के कारण शारदा नदी का जलस्तर कम हो गया था तथा नदी ने कटान भी कम कर दिया था। लेकिन सोमवार को दोपहर बाद तेज व मूसलाधार हुई बारिश से जनजीवन तो अस्त व्यस्त होने के साथ ही नदी के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हो गई। इसके चलते नयापुरवा, कुंवरपुर कलां, दुबहा, चौरी आदि गांवों में कटान कटान तेज हो गई। तेज कटान को देखकर ग्रामीणों के चेहरों पर बैचेनी छा गई है। इसके साथ ही इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अभी भी तीन से चार फिट तक पानी बह रहा है। जिसके कारण ग्रामीणों को निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही मटैहिया, बोझवा, कचनारा, दौलतापुर आदि में भी पानी भरा हुआ है। उधर तेज बारिश से धान की फसल लगाने वाले ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है। काफी दिनों से यह ग्रामीण ट्यूबवेल से अपने-अपने खेतों में फसल में पानी लगा रहे थे।
तेज बारिश से सड़कें बनीं तालाब
तेज बारिश से शहर की कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जबकि निचले मोहल्लों की सड़कों पर भी पानी भर गया। जिसके कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर की स्टेशन रोड, भीरा रोड सहित निचले मोहल्लों में किसान, काकूपुरियान आदि में पानी भर गया।
कटान पीड़ितों और ग्रामीणों के बीच हुई तीखी नोंकझोक
ईसानगर। ब्लॉक क्षेत्र के सरैंया गांव में कटान पीड़ितों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोक हो गई। मौके की नजाकत देखते हुए पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा।
सरैंया गांव के पूरब नदी में कटान रोकने के लिए बनाए जा रहे स्पर के लिए मजदूर नदी में आधे समाए रास्ते से मिट्टी की खुदाई कर कर रहे थे। इसकी मिट्टी उठान से सरैंया गांव के ग्रामीण नाखुश थे। इस बात को लेकर कई ग्रामीणों ने खुदाई कर रहे मजदूरों के फावड़े और डलिया छीन ली। इसकी शिकायत पर सरैंया पहुंचे दरोगा कैलाश यादव ने लोगों से फावड़े वापस करने की बात कही और उस जगह से मिट्टी न निकालने की बात कह ही रहे थे कि ग्रामीण और पुलिस टीम के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। रास्ते की मिट्टी निकालने से गुस्साए सरैंया के ग्रामीणों ने नदी के किनारे धरने पर बैठ कर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस के व्यवहार के प्रति नाराजगी जताई। मामला विधायक के हस्तक्षेप के बाद शांत हो गया।