316 एकड़ भूमि अधिग्रहण के प्रयास का मामला
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने शहर से सटे गांव राजापुर में आवासीय योजना के लिए भूमि अधिग्रहण से पूर्व आपत्तियों के निस्तारण के लिए सुनवाई की, जिसमें किसानों ने बहिष्कार करते हुए जमीन न देने की बात कही है। किसानों और भू स्वामियों ने सुनवाई नियोजन समिति के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
बता दें कि राजापुर एलआरपी रोड पर भूमि विकास एवं गृहस्थापन योजना के लिए परिषद 316.836 एकड़ जमीन अधिग्रहित करना चाहता है। इसके लिए राजकीय गजट का प्रथम प्रकाशन चार सितंबर 2010 को कराया जा चुका है। इससे करीब 181 किसानों की खेती योग्य जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ गई है। वहीं किसानों ने परिषद को जमीन देने से इंकार करते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी। परिषद ने फिर से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को एलआरपी गेस्ट हाउस में निर्माण खंड 13 के अधिशासी अभियंता विनीत सिंघल ने आपत्तियों की सुनवाई के लिए बैठक की, जिसमें किसानों को आपत्ति निस्तारण के लिए बुलाया था। यहां पहुंचे किसानों ने परिषद को जमीन देने से इंकार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिससे कोई भी किसान नियोजन समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। प्रदर्शन कर रहे दिलीप केसवानी ने कहा कि भू स्वामी लगातार अधिग्रहण का विरोध कर रहे। जमीनों को अधिग्रहण से मुक्ति के लिए सरकारी गजट को निरस्त किया जाए। अपनी मांग संबंधी ज्ञापन भी सुनवाई कर रहे अधिकारियों को दिया, जिस पर सुरेंद्र कुमार वर्मा, कमलाश, नवनीत कौर, नरेंद्र सिंह, मीरा पोद्दार, शिवभगवान, नंदकिशोर, कृष्णा देवी, जगदीश प्रसाद के हस्ताक्षर हैं।