उन्नत किस्म 11282 का गन्ना बीज। संवाद
लखीमपुर/धौरहरा। उन्नत किस्म के बीज के नाम पर हो रही ठगी के चलते अब गन्ना किसानों का खेती से मोह भंग हो रहा है। इसके पीछे काफी समय से उन्नत किस्म का बीज न मिलना, बीज के नाम पर मनमानी धन उगाही, धोखाधड़ी सबसे बड़ी वजह है। गन्ना विकास समिति भी सही दामों पर किसानों को गन्ना बीज उपलब्ध नहीं करा पा रही है, न ही विभागीय अफसर कुछ कर पा रहे।
किसानों ने बताया कि गन्ना बीज की नई किस्म के नाम पर उनसे दो हजार रुपये प्रति क्विंटल या दो रुपये प्रति गांठ वसूला जाता है, जो काफी महंगा पड़ता है। बिचौलियों ने चीनी मिल से साठगांठ कर उन्नत किस्म 14201, 15023 व 13235 आदि गन्ना बीज का प्रचार-प्रसार कराया। इसके बाद किसानों को महंगे दामों पर बेचना शुरू कर दिया।
धौरहरा क्षेत्र जो कभी गन्ना उत्पादन के लिए काफी अच्छा माना जाता था, पर करीब चार वर्षों से 0238 किस्म का गन्ना रोग ग्रस्त होने से यहां किसानों के सामने गन्ना बीज की समस्या उत्पन्न हो गई। बिचौलियों ने चीनी मिल कर्मचारियों से साठगांठ कर पहले उन्नत किस्म के बीज का प्रचार-प्रसार कराते हैं, उसके बाद बीज बेचने का खेल करते हैं। हालांकि यह नई किस्म भी 0238 का मुकाबला नहीं कर सकी।
इन दिनों 16202 किस्म के गन्ना बीज का खूब प्रचार-प्रसार चल रहा है, पर यह बीज कुछ ही चुनिंदा लोगों के पास है, जो मनमाने दामों पर किसानों को बेच रहे हैं, जबकि किसानों का गन्ना मात्र 370 रुपये प्रति क्विंटल बिकता और जब किसान फसल की बुआई करते हैं तो उनको बीज 10 गुना महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है।
इतना ही नहीं अधिकांश किसानों को 16202 किस्म के गन्ना की पहचान नहीं है। ऐसे में बिचौलियाें ने इससे मिलती-जुलती प्रजाति का गन्ना दो हजार रुपये में बेच कर ठगी करना शुरू कर दिया है, जबकि काफी बिचौलिया किसान का बीज बिक्री के लिए पंजीकरण तक नहीं है। चीनी मिल के कर्मचारी भी इन किसानों को उन्हीं किसानों से बीज लेने की सलाह देकर इस साठगांठ में शामिल बताए जा रहे हैं। इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश का पक्ष जानना चाहा, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।