पलिया में दुधवा मुख्यालय गेट पर बैठे किसान। संवाद
पलियाकलां। जंगली सूअर और बंदरों से फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान कई गांवों के किसान दुधवा मुख्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के तहसील अध्यक्ष महेंद्र सिंह और उप जिलाध्यक्ष मनजीत सिंह की अगुवाई में किसानों ने मुख्यालय के गेट पर धरना दिया।
किसानों ने दुधवा मुख्यालय के वार्डन महावीर सिंह को बताया कि पिछले कई महीनों से जंगली सूअर खेतों में पहुंच रहे हैं और खड़ी गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों के मुताबिक, सूअर गन्ने को मुंह से नोचकर बर्बाद कर देते हैं।
आरोप है कि फसल नुकसान के बाद मुआवजे की मांग करने पर वन विभाग की ओर से बताया जाता है कि जंगली सूअर से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता। किसानों ने बताया कि समस्या को लेकर वे कई बार तहसील दिवस में एसडीएम से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
दुधवा के प्रतिपालक (वार्डन) महावीर सिंह ने कहा कि जंगली सूअर और बंदरों को मारने के संबंध में विभाग के पास कोई आदेश नहीं है। इस पर किसानों ने कहा कि एक ओर वन विभाग जंगली जानवरों को मारने की अनुमति नहीं दे रहा है और दूसरी ओर फसल नुकसान का मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है।