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Lakhimpur Kheri News: किसानों ने घेरा डीएम कार्यालय, कई मुद्दों पर भरी हुंकार

Tue, 21 Jul 2026 11:56 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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डीएम अंजनी कुमार से वार्ता करते भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारी। संवाद
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लखीमपुर खीरी। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले मंगलवार को किसानों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यालय का घेराव कर डीएम को मांगपत्र देकर शीघ्र समाधान की मांग की।
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संगठन के जिलाध्यक्ष हरदयाल सिंह संधू ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। कहा कि मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में लगातार पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण है। भाकियू ने छात्रों के आंदोलन को समर्थन भी दिया।
किसानों ने जिले में यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी व अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग रोकने की मांग की। जंगल से सटे क्षेत्रों में जंगली सूअर, नीलगाय, हाथी, बाघ और तेंदुओं से किसानों व फसलों की सुरक्षा के लिए तारबंदी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी उठाई।
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भारी बारिश से नदी कटान प्रभावित किसानों और ग्रामीणों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा व राहत देने, कृषि भूमि का सर्किल रेट बढ़ाने और जर्जर विद्युत लाइनों की मरम्मत व प्रतिस्थापन कराकर दुर्घटनाएं रोकने की मांग ज्ञापन में शामिल रही।
संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन किसानों के साथ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

डीएम दफ्तर के सामने नहीं बैठेंगे तो अपनी बात किससे कहेंगे
भाकियू (टिकैत) के धरने के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब प्रशासन की ओर से किसानों से डीएम कार्यालय के सामने धरना देने के बजाय विलोबी मैदान में प्रदर्शन करने के लिए कहा गया। किसान नेताओं ने विरोध जताते हुए कहा कि यदि डीएम कार्यालय के सामने भी किसान अपनी समस्याएं नहीं रख सकते तो आखिर अपनी बात किसके सामने रखें। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। कहा कि देश में विदेशी मेहमानों का सम्मान किया जाता है, लेकिन अन्नदाता किसानों की आवाज दबाई जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

डीएम अंजनी कुमार से वार्ता करते भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारी। संवाद

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