लखीमपुर खीरी के राजापुर गांव में भूमि अधिग्रहण के विरोध में बुधवार को सैकड़ों किसान डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने भूमि अधिग्रहण रद्द कर जमीन मुक्त करने की मांगें की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो वे आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
लखीमपुर खीरी में शहर से सटे राजापुर गांव में आवास विकास परिषद की ओर से भूमि अधिग्रहण के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान डीएम कार्यालय पहुंचे। किसानों ने काफी देर तक नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम अंजनी कुमार सिंह को सौंपा और वार्ता की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे लोग आर पार की लड़ाई लड़ेंगे।
विज्ञापन
संगठन के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार वर्मा ने कहा कि राजापुर में पूर्व में विभिन्न संस्थाओं की ओर से कई बार भूमि अधिग्रहण किया जा चुका है। उनका आरोप है कि वर्ष 2010 में आवास विकास परिषद ने शेष भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की। किसानों का कहना है कि उन्होंने अब तक मुआवजा नहीं लिया है। इसके बावजूद उनकी खतौनी में आवास विकास का आदेश दर्ज कर दिया गया है।
जिला महामंत्री संदीप पांडे ने भूमि अधिग्रहण निरस्त कर किसानों की जमीन मुक्त करने और खतौनी में वरासत का कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं हुई तो किसान परिवार सहित पैदल मार्च कर लखनऊ मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगे।