लखीमपुर खीरी। नोडल अधिकारी/कमिश्नर रंजन कुमार ने दौरे के तीसरे दिन पलिया से लौटते समय रास्ते में मालपुर स्थित गन्ना क्रय केंद्र का निरीक्षण किया और शहर में दाखिल होते ही सबसे पहले कोविड कमांड सेंटर पहुंचे, जहां पर उन्होंने कोविड-19 के संबंध में तैयारियों का जायजा लिया। इसके बाद राजापुर मंडी में विपणन शाखा के एक क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। यहां पर कुछ किसानों ने धान बेचने में आई दिक्कत के बारे में शिकायत की। इसके बाद नोडल अधिकारी ने राजापुर चौकी के सामने संचालित जेके राइस मिल की जांच की। उन्होंने सीएमआर की डिलीवरी कम होने के कारणों की पड़ताल की और अधिकारियों से रिकार्ड सहित जवाब मांगा है।
राजापुर मंडी में नोडल अधिकारी रंजन कुमार के पहुंचने से पहले ही धान खरीद एजेंसियों को इसकी जानकारी हो गई थी, जिससे राजापुर मंडी के क्रय केंद्रों पर बैनर, कांटा, पंखा सज गए। अपराह्न करीब 2:10 बजे नोडल अधिकारी मंडी पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने विपणन शाखा के क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान धान बेचने आए धौरहरा क्षेत्र के कफारा गांव निवासी किसान गोवर्धन प्रसाद के पुत्र नीरज से बातचीत कर धान खरीद की जमीनी हकीकत जानी। पूछताछ में नीरज ने नोडल अधिकारी को बताया कि उसने 52 क्विंटल धान पूर्व में धौरहरा क्षेत्र के एक क्रय केंद्र पर बेचा था, जिसके बाद मंगलवार को वह 18 क्विंटल धान बेचने लाया था। इसके बाद उसका करीब 20 क्विंटल धान बेचने के लिए शेष रह जाएगा। इस दौरान झखरा पिपरी निवासी किसान सुरेंद्र सिंह ने शिकायत की कि करीब दो माह पहले धान बेचने आया था, तो यहां पर धान नहीं खरीदा गया। केंद्र पर मौजूद सहायक ने उसे लौटा दिया था, जिससे उसने मंडी में 1420 रुपये प्रति क्विंटल धान बेचा था। इस पर नोडल अधिकारी ने केंद्र प्रभारी से जवाब तलब किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से धान बिक्री में आने वाली कठिनाइयों के बारे में चर्चा की। निरीक्षण के दौरान डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ अरविंद सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह, डिप्टी आरएमओ लालमणि पांडेय, एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह, एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह मौजूद रहे।
जेके राइस मिल पहुंचे कमिश्नर, सीएमआर में देरी का कारण पूछा
कमिश्नर रंजन कुमार ने राजापुर चौकी के सामने स्थित जेके राइस मिल जाकर निरीक्षण किया, जहां उन्होंने राइस मिल व्यवस्थापक से मूवमेंट चालान मांगा। नोडल अधिकारी ने राइस मिल में अब तक क्रय केंद्रों से आए धान और उसके सापेक्ष एफसीआई में डिलीवर्ड सीएमआर के बारे में जानकारी ली। इस पर उन्होंने राइस मिल की क्षमता सहित अन्य बिंदुओं के बारे में जानकारी ली। एफसीआई में सीएमआर की डिलीवरी में देरी होने के कारणों के बारे में पूछताछ की, तो मिल मालिक ने धान कुटाई में चावल की टूटन ज्यादा होने की बात बताई, जिससे सीएमआर की डिलीवरी में देरी हो रही है। चावल में टूटन अधिक होने के कारणों के बारे में कुछ अधिकारियों ने बताया कि धान की फसल पकने के दौरान बारिश होने से चावल कमजोर रह गया। वहीं एफसीआई के प्रबंधक को उतार में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कोविड टीकाकरण की तैयारियों का जायजा लिया
नोडल अधिकारी रंजन कुमार मंगलवार को एकीकृत कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पहुंचे और कोविड टीकाकरण की तैयारियों की पड़ताल की। सीएमओ डॉ मनोज अग्रवाल ने कोविड टीकाकरण की तैयारियों प्रशिक्षण एवं माइक्रोप्लान, कोल्ड चैन संबंधी व्यवस्थाओं, कोविन पोर्टल संबंधी डाटा अपलोडिंग, प्रशिक्षण और हेल्थ केयर वर्कर डाटा अपलोड किए जाने के बारे में जानकारी दी। सीएमओ ने बताया कि जिले की सभी 15 सीएचसी, जिला पुरुष चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय पर टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। टीमों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके साथ ही प्रतिदिन कोविन पोर्टल को भी अपडेट किया जा रहा है। प्रत्येक सत्र में छह कर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिसमें दो सुरक्षाकर्मी, एक जांचकर्ता, एक वैक्सीनेटर एवं एक मोबिलाइजर शामिल है। टीकाकरण अभियान के प्रथम चरण के लिए स्थलों का चयन एसओपी के तहत किया जाएगा। इस दौरान डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी विजय ढुल, सीडीओ अरविंद सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह मौजूद रहे।
मालपुर में गन्ना क्रय केंद्र पर किसानों से की बात
नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने मंगलवार को पलिया से लखीमपुर जाते समय गुलरिया मिल के गन्ना क्रय केंद्र मालपुर का औचक निरीक्षण किया। क्रय केंद्र पर उपस्थित किसान संत कुमार शुक्ला से घटतौली समेत अन्य किसी भी प्रकार की अनियमितता, परिवहन व्यवस्था, पर्ची व्यवस्था एवं गन्ना मूल्य भुगतान के बारे में फीडबैक लिया। किसानों ने समय से एसएमएस पर्ची मिलने की बात कही और परिवहन व्यवस्था अच्छी बताई। गुलरिया चीनी मिल पर पुराना गन्ना मूल्य भुगतान बकाया नहीं है। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि चालू पेराई सत्र 2020-21 में गुलरिया मिल द्वारा 14 दिन के अंदर भुगतान किया जा रहा है, जिससे 14 दिसंबर 2020 तक का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों के खाते में पहुंच गया है।