रेलवे द्वारा बगैर जानकारी दिए बंद की गई क्राॅसिंग। स्रोत: ग्रामीण
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बिजुआ। भारतीय किसान मजदूर यूनियन सिंघानिया ने भीरा और पलिया स्टेशनों के बीच एक पुरानी रेलवे क्रॉसिंग को जनहित में फिर से खोलने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 24 जनवरी को रेल रोको आंदोलन करेंगे।
यूनियन के जिला अध्यक्ष अमर सिंह तोमर ने बताया कि ग्रामसभा मटेहिया, मझौरा, दौलतपुर सहित दर्जनों गांवों के निवासी इस क्रॉसिंग का उपयोग प्राचीन समय से करते आ रहे थे। किसान अपनी फसलों की बोआई करने, कृषि उपकरण लाने-ले जाने और अन्य कृषि कार्यों के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते थे। कुछ समय पहले रेलवे प्रशासन ने इस क्रॉसिंग को बंद कर दिया है। इससे किसानों को अपनी फसलें और कृषि उपकरण लाने-ले जाने में कठिनाई होती है। यदि कोई किसान बंद क्रॉसिंग से गुजरने की कोशिश करता है, तो रेलवे प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करता है।
संगठन ने मंडल रेल प्रबंधक, लखनऊ मंडल उत्तर रेलवे, लखनऊ और भीरा व पलिया स्टेशन अधीक्षकों को एक प्रार्थना पत्र भेजा है। इसमें क्रॉसिंग को तत्काल खुलवाने का अनुरोध किया गया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो 24 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से भीरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बोझवा रेलवे क्रॉसिंग पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इस आंदोलन में रेल रोको और भीरा-पलिया मार्ग जाम करने की कार्रवाई भी शामिल होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रदर्शन के लिए अलग से अनुमति नहीं ली जाएगी।