ऋतुराज के आगमन के बाद मौसम ने फिर पलटी मार दी है। गुरुवार को ओले गिरने से गेहूं और दलहनी फसलें गिर गईं। धूप खिलने से किसानों को नुकसान से बचने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन शनिवार आधी रात के बाद से हुई रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं ने पारा लुढ़का दिया। शनिवार को अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले रविवार को सात डिग्री पारा लुढ़कर यह तापमान 19.0 डिग्री पर पहुंच गया, जिससे एक बार फिर ठंड लौट आई। बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भर गया तो बाजार कीचड़ से पट गए। लोगों का सड़क पर निकलना दूभर हो गया। मौसम विज्ञानी के अनुसार रविवार को अधिकतम ताममान 19.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा। पूरे दिन में करीब 18.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
बीते दो दिनों से खिल रही तेज धूप ने मौसम में गर्मी बढ़ा दी थी, लेकिन बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। ठंडी हवाएं चलने से सर्दी बढ़ गई और लोग भारी गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए। इस दौरान कई वाहन चालकों की बाइक कीचड़ में फंसी तो तमाम लोग कीचड़ में फिसल कर चोटिल भी हो गए। बारिश होने से रोजमर्रा की तरह सड़कों पर लोगों की कम भीड़ नजर आई। मौसम बिगड़ने से जरूरतमंद लोग ही सड़कों पर निकले।
शहर की सफाई व्यवस्था चौपट
बारिश होते ही शहर की सड़कों का हाल बेहाल हो गया। सड़कों पर कीचड़ और गंदगी के ढेर से आमजन काफी प्रभावित रहा। शहर के सभी चौराहों पर कीचड़ के ढेर लगे रहे। सबसे बुरा हाल गढ़ी रोड और नौरंगाबाद रोड का रहा।
इस बारिश से फसलों को होगा नफा-नुकसान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल ने बताया कि अभी तक की हुई बारिश से सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की फसल के लिए है, क्योंकि इसमें लगा माहू कीट साफ हो जाएगी। बारिश से सरसों के लिए आंशिक नुकसानदेह है। मटर, भिंडी और आम की फसल के लिए नुकसान देह है। बारिश से आम की फसल पर कीटों का प्रभाव बढ़ सकता है, इसके लिए दो ग्राम सल्फर प्रतिलीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें, जिससे कीटों से बचाव हो जाएगा।
सेहत बिगाड़ सकती है फाल्गुन में सावन की झड़ी
फाल्गुन माह में सावन की झड़ी सेहत पर भारी पड़ सकती है। फिजीशियन डॉ. अनुराग सेठ का कहना है कि बारिश होने से संक्रमण रोगों की आशंका बढ़ेगी। वहीं बारिश में भीगने से वायरल, बुखार, सर्दी और डायरिया का खतरा भी रहेगा। ऐसे में बाहर की चीजें खाना खतरनाक साबित हो सकता है।
देहात में बारिश से भारी नुकसान, जनजीवन प्रभावित
देहात में बारिश से भारी नुकसान का अनुमान है। तेज हवा और बारिश से फसलें गिर गई हैं तो ईंट भट्टों पर कच्ची ईंटों के चट्टे जलमग्न होकर बरबाद हो गई हैं। वहीं आम के बौर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। उधर पलिया, निघासन और धौरहरा इलाके में शारदा और घाघरा का जलस्तर बढ़ गया।
मितौली। बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। वजह है फसल लगभग कटने को थी, परंतु बारिश से सरसों का बीज झड़कर नीचे गिरने लगा है। उधर ईंट भट्टे से जुड़े लोगो को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। होली के समय मजदूरों द्वारा अधिक मेहनत करके होली पर परिवार के लिए काम किया था, जिससे भट्ठे पर कच्ची ईंटों की मात्रा अधिक थी, वह भी बरसात में नष्ट हो गईं। बाबा टेंडे नाथ ईंट उद्योग के मैनेजर सुरेश राठौर ने बताया की होली के समय मजदूर अधिक काम करते है, जिससे उनके घर में होली अच्छी होती है इस बार बरसात हो जाने के कारण इनका काम नहीं हो पाएगा। इससे ईंटो के मूल्य में भी बढ़ोतरी की संभावना भी बढ़ गई है।
गोला गोकर्णनाथ। शनिवार की रात से रविवार को दिन भर हुई बारिश से नगर के निचले इलाकों नानक पुलिस चौकी, सर्वोदय नगर, गुप्ता कॉलोनी, रेलवे क्रॉसिंग, मिल डाइवर्जन रोड, मोहम्मदी रोड बाईपास, मेला मैदान सहित कई जगहों पर पानी भर गया है, जहां निकलने वालों को दिक्कते हुई हैं।
धौरहरा। बारिश के कारण सड़के जलमग्न हो गई। वही शारदा और घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया।
पलियाकलां। शनिवार की रात से आसमान में छाए बादलों ने जो बरसना शुरू किया तो फिर रुकने का नाम ही नहीं लिया। इससे आम लोगों की जिंदगी की रफ्तार थम गई तो वहीं किसानों पर यह आफत बनकर टूटी। बारिश से लोग घरों में ही कैद रहे और दैनिक मजदूरी करने वालो को काम नहीं मिल पाया।
निघासन। बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बरसात के कारण ठंड बढ़ गई। वहीं दूसरी तरफ लाही और गेहूं की फसलों को काफी नुकसान भी हुआ है।
मझगईं। बारिश ने एक बार फिर लोगों को ठंड का एहसास करा दिया। तेज हवा के साथ लगातार बारिश होने के कारण किसानों के खेतों में खड़े गेहूं की फसल भी गिर गई।
बांकेगंज। कस्बा सहित क्षेत्र में रविवार भोर हवाओं के साथ हुई तेज मूसलाधार बारिश से बागवान हलकान हैं। बेमौसम हुई बारिश के साथ चलने वाली तेज हवाओं से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
ममरी। तेज हवा के साथ हुई वर्षा से अगैती गेहूं, लाही की फसल गिरकर चौपट हो गई है, वहीं आम के बौर को भी नुकसान हुआ है, जबकि पिछेती गेहूं मसूर के लिये वर्षा वरदान साबित हुई है।
ईसानगर। लगातार हुई बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। क्षेत्र के खमरिया कसबे में ही जलभराव से काफी दिक्कत हुई।