बांकेगंज। श्रीअन्न योजना के तहत ब्लॉक क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन जिले और तहसील स्तर पर इसका बाजार न होने से इलाके के किसान खेती को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि अनाज को बेचने कहां ले जाएंगे। किसान तहसील स्तर पर क्रय केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं।
बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती के लिए किसानों को रागी, सांवा, कोदो, ज्वार आदि के बीज कृषि विभाग निशुल्क दे रहा है। मोटा अनाज शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ बीमारियों को नियंत्रित करने में भी मददगार है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह तमाम पोषक तत्वों से भरपूर है। इसमें रेशे, बी-काॅम्प्लेक्स, विटामिन्स, अमीनो एसिड, वसीय अम्ल, विटामिन-ई, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, विटामिन बी-6 व कैरोटीन पाए जाते हैं। ग्लूकोज कम हाेने से मधुमेह का खतरा कम होता है। इस वजह से इन अनाजों को सुपर फूड कहा जाता है।
बांकेगंज कस्बा निवासी किसान यदुनंदन सिंह पुजारी का कहना है कि मोटे अनाज की खेती करनी है,लेकिन उगाई गई फसल को कहां बेचेंगे। इसे लेकर संशय है। कृषि विभाग कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है। इस स्थिति में किसान दोराहे पर खड़े हैं और वे कुछ सोच नहीं पा रहे हैं।
किसान गोल्डी गोयल का कहना है कि किसी भी फसल की खेती करने से पहले किसान उसका बाजार ढूंढते हैं। बिना बाजार के मोटे अनाज की खेती बेकार है।
पूरनपुर गांव निवासी किसान सुखराज सिंह कहते हैं कि मोटे अनाज की खेती आर्थिक रूप से किसानों को समृद्ध बना सकती है। इसके लिए सरकार को उत्पादन खरीदने की गारंटी देनी होगी।
किसान संजय भार्गव कहते हैं कि पहले सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर क्रय केंद्र बनाए। इसके बाद ही मोटे अनाज की खेती करने में तेजी आएगी। इसके साथ ही खरीद के लिए बाजार भी उपलब्ध कराएं, ताकि किसान संतुष्ट रहे।
यदुनंंदन सिंह पुजारी।
यदुनंंदन सिंह पुजारी।
यदुनंंदन सिंह पुजारी।