घूमा मिल का पहिया, 22 तक मिलेगा संपूर्ण डिफर
31 तक नवीन सत्र में सात दिन का होगा भुगतान
पिछले सत्र का डिफर और नवीन सत्र के भुगतान को लेकर 10 दिसंबर से शुरू हुए आंदोलन किसानों और पलिया चीनी मिल प्रबंधन में सहमति बन जाने के बाद सोमवार को समाप्त हो गयया। सोमवार को केन सोसायटी धरना स्थल पर पहुंचे मिल अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की। भुगतान की हामी भर दी।
मिल के यूनिट हेड राकेश यादव, जीएम केन ओपी चौहान, फैक्ट्री मैनेजर हरीश ज्याला, पीआरओ सतीश श्रीवास्तव सोमवार को सुबह करीब 11 बजे धरनास्थल केन सोसायटी पहुंचे। यहां किसान नेताओं के साथ सैकड़ों किसान मौजूद थे। करीब डेढ़ घंटे तक मिल अधिकारियों और किसानों के बीच भुगतान के मुद्दे को लेकर मंथन चला और आखिर में तय हुआ कि मिल 22 दिसंबर तक संपूर्ण डिफर, 31 दिसंबर तक नवीन सत्र 2016-17 का सात दिन का भुगतान और एक जनवरी 2017 से सात जनवरी तक नवीन सत्र के चार दिनों का भुगतान करेगी। इस पर सहमति बनी और किसानों ने अनशन खत्म कर गन्ना देने को हामी भर दी। हामी भरते ही 12 दिसंबर से बंद हुई चीनी मिल सोमवार को सातवें दिन चल पड़ी। इसके बाद यूनिट हेड राकेश यादव ने जिन बातों पर सहमति बनी उसे लिखित रूप में भी दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से साफ, ताजा और अगौला रहित गन्ना देने की बात कही। किसानों ने कहा कि पहले का छिला हुआ गन्ना वैसे ही आएगा और आगे से साफ और ताजा गन्ना ही आएगा। वार्ता में मिल अधिकारियों के अलावा पूर्व ब्लाक प्रमुख गुरुप्रीत सिंह जार्जी, हरप्रीत सिंह हैप्पी, केन सोसाएटी चेयरमैन विकास कपूर, उपाध्यक्ष फरजंद अली बिंदु, मनप्रीत सिंह, हरेंद्र सिंह सोनी, गुरुदेव सिंह, तरसेम सिंह, सिराजुददीन समेत समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
शारदा वर्क्स एसोसिएशन ने जताया हर्ष
शारदा वर्क्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश राय, जनरल सेक्रेट्री निर्भय नरायन सिंह, इसराईल खां, रमाशंकर, रिजवान अली, मनोज कुमार सिंह आदि ने पलिया चीनी मिल ईकाई प्रमुख को पत्र देकर मिल चलने पर हर्ष जताया है।