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बीमित किसानों को ही मिलेगा मुआवजा

Mon, 02 Mar 2015 06:48 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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बेमौसम हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। रबी की प्रमुख फसल गेहूं को करीब 15 से 20 फीसदी नुकसान होने का अनुमान कृषि विभाग ने लगाया है। चना, मटर और मसूर की फसलें भी 10 से 15 फीसदी तक खेत में पानी भरने से प्रभावित हुई हैं। रबी सीजन में जिले के 2672 किसानों ने बीमा कराया था, जिन्हें दावा करने पर मुआवजा मिल सकेगा। वहीं अन्य किसानों को उनकी फसलों को नुकसान के एवज में मुआवजा या लाभ नहीं दिया जाएगा, क्योंकि सरकार ने इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किया है।
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बता दें कि बारिश सीजन में बाढ़-कटान की दैवीय आपदा से हर साल किसानों को जूझना पड़ता है, जिसमें होने वाले नुकसान के लिए किसानों को दैवीय आपदा मद से मदद का प्रावधान है। इस विभीषिका से जिले की पलिया, निघासन, धौरहरा और लखीमपुर तहसील का बड़ा भूभाग प्रभावित है। वहीं मोहम्मदी, गोला और मितौली तहसील क्षेत्र में बाढ़-कटान की समस्या नहीं है, लेकिन रविवार को दिन भर हुई बारिश और तेज हवाओं से सभी सात तहसील क्षेत्रों के किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह के मुताबिक खरीफ सीजन में 8534 किसानों ने बैंकों के माध्यम से बीमा कराया था, जिसके लिए 1,73,92,120 रुपये प्रीमियम जमा कराई गई थी। जबकि रबी सीजन में बीमा कराने वाले किसानों की संख्या घटकर 2672 रह गई, जिसके लिए 13,88,529 रुपये प्रीमियम जमा हुआ। रबी सीजन में बारिश-बाढ़ का खतरा अमूमन नहीं रहता, जिससे कम ही किसान बीमा कराते हैं। रविवार को हुई बारिश से नुकसान के बारे में जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जो गेहूं की फसल गिर गई, उसका उत्पादन कम होने की संभावना है। क्योेंकि गिरे हुए गेहूं का दाना हल्का हो जाएगा। वहीं मसूर, चना और मटर को पानी भरने से नुकसान हुआ है।

बैंकों द्वारा किया जाता है बीमा
जनपद की सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा फसल बीमा किया जाता है। क्राप कटिंग के बाद जनपद के औसत उत्पादन से कम उत्पादन होने पर किसान को मुआवजा दिया जाता है। खरीफ सीजन में धान, उड़द, मूंग आदि का बीमा होता है। जबकि गेहूं, चना, मटर, लाही, सरसों, मसूर का बीमा किया जाता हैै। गन्ना मेजर क्राप होने के चलते बीमा योजना में शामिल नहीं किया गया है।
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ऋणी और गैर ऋणी किसान जोत के आधार पर फसलों का बीमा करा सकते हैं। इसके लिए नाममात्र का प्रीमियम जमा कराया जाता है। खरीफ सीजन के बीमित किसानों को हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है, जिनका औसत उत्पादन से उत्पादन कम होगा, उन्हें मुआवजा मिलेगा। जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया है, वह मुआवजा के पात्र नहीं हैं।
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-डॉ. शिवकुमार केसरी, उप कृषि निदेशक
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