संपूर्णानगर। पीलीभीत गन्ना विकास लिमिटेड के परिसर में शुक्रवार को आयोजित वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक हंगामेदार रही। बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन सुखविंदर सिंह ने की।
बैठक के दौरान गन्ना किसानों और संचालकों ने खाद-बीज की किल्लत समेत कई समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। एक प्रस्ताव को लेकर चेयरमैन और राघवपुरी के संचालक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
बैठक की शुरुआत में सचिव गंगाराम यादव ने पिछले वर्ष का लेखा-जोखा और आगामी सत्र 2026-27 का आय-व्यय प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष 4.18 करोड़ की आय, 3.67 करोड़ के खर्च के बाद करीब एक करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ होने का अनुमान है।
सचिव ने गन्ना आपूर्ति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 में 47.31 लाख और 2024-25 में 47.72 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति हुई। वहीं वर्तमान सत्र 2025-26 में अब तक 40 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति हो चुकी है।
सुमेरनगर के किसान अब्दुल बहाव ने बैठक की तिथि पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जुमे की नमाज, रामनवमी और नवरात्र के बीच बैठक बुलाना उचित नहीं था। किसान लल्लन गोंड ने राघवपुरी, कबीरगंज, खजुरिया और पुरानी चक्की के बंद गोदामों को 15 दिन में शुरू कराने की मांग की। विशेनपुरी के किसान रामसिंह ने खाद-बीज पर पुरानी सब्सिडी और कर्ज व्यवस्था बहाल करने की बात कही।
ज्येष्ठ गन्ना अधिकारी मिथलेश पांडे ने बताया कि बीज के लिए किसान 15 दिन पहले सुपरवाइजर के पास नाम दर्ज कराएं, ताकि ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर वितरण हो सके। उधार और कर्ज को उन्होंने समिति के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।
छोटे किसानों ने समय से पर्ची न मिलने की समस्या भी उठाई। अंत में चेयरमैन सुखविंदर सिंह ने स्टाफ की कमी स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि किसानों की समस्याओं का प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
इस मौके पर उपसभापति इंद्रदीप सिंह बटन, पूर्व चेयरमैन दिलावरजीत सिंह, मुख्य गन्ना अधिकारी उदयभान सिंह, उपसभापति शिव कुमार, संचालक नसीब सिंह, हरविंदर सिंह, सूर्यपाल सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।