बिजुआ। नदी पार गेहूं की बुआई कर वापस आ रहे किसान की शारदा नदी में डूबकर मौत हो गई, वह नाव न होने से जानवरों की रस्सी पकड़ कर नदी पार करना चाह रहा था। तभी बीच नदी में अचानक रस्सी छूटने से हादसा हो गया। पीछे से आ रहे छोटे भाई ने बचाने का प्रयास किया तब तक वह पानी में डूब चुका था। घर वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
गोला तहसील एवं कोतवाली भीरा क्षेत्र के दंबल टांडा गांव निवासी सुंदर (50) पुत्र तिलक सिंह रविवार की सुबह नदी पार खेत में गेहूं की बुआई करने गए थे। दोपहर बाद करीब दो बजे खेत से वापस आते समय नदी पार करने को नाव नहीं मिली तो वह जानवरों की रस्सी पकड़ कर नदी के पानी में उतर गए। इस बीच अचानक एक बैल बिदक गया और सुंदर के हाथ से रस्सी छूट गई, जिससे वह पानी में गोते लगाने लगे। दूर खड़े लोगों ने नदी में डूबते देखा तो मदद को दौड़ पड़े। साथ ही पीछे आ रहा उनका भाई दुन्ने भी मदद को पानी में पहुंच गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। सुंदर की मौत की खबर से उनके परिवार में चीख पुकार मच गई।