सावन के अंतिम सोमवार गोला के पौराणिक शिव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। सावन के अंतिम सोमवार पर बारिश के बीच नगर में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। भक्तों के दर्शनार्थ पौराणिक शिव मंदिर के कपाट रात्रि दो बजे ही खोल दिए गए।
गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर पंडा पुरोहितों के घाट पर दान पुण्य किया। कपाट खुलने से लेकर देर रात भगवान शिव का श्रंगार पूजा होने तक पौराणिक शिव मंदिर में आस्था का जनसमूह उमड़ता रहा।
शाहजहांपुर जिले के अटसलिया निवासी युवा भक्त अंशुल यादव सुबह कीलों के आसन पर दंडवत प्रणाम करते हुए पौराणिक शिव मंदिर पहुंचे। उनके साथ चल रहे परिजनों ने बताया कि अंशुल की भगवान शिव से अगाध आस्था है। वह छह जुलाई को फर्रुखाबाद गंगा घाट से गंगाजल लेकर इसी तरह चले थे। रास्ता तय करने में उन्हें एक महीना लगा है। अंशुल की शिव भक्ति के अद्भुत दर्शन कर लोग आश्चर्यचकित रह गए।
मौके की तलाश में रहे जेबकतरे
पौराणिक शिव मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में सैकड़ों पुलिस कर्मियों, राजस्व, नगर पालिका के कर्मचारी तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद जेबकतरे मौके की तलाश में रहे। दोपहर को मंदिर परिसर में तैनात लेखपाल अनिल त्रिपाठी व अन्य कर्मचारियों ने दो किशोर जेबकतरों को पकड़ लिया और नीलकंठ पुलिस चौकी प्रभारी सर्वेश मौर्य के सुपुर्द कर दिया। रविवार को भी चार किशोर उचक्कों को पकड़ा गया था।
सावन के अंतिम सोमवार गोला के पौराणिक शिव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
सावन के अंतिम सोमवार गोला के पौराणिक शिव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद