ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर निरंकारी सत्संग मंडल ब्रांच गोला के तत्वावधान में आध्यात्मिक सत्संग हुआ। इस दौरान महात्माओं ने गुरु की महिमा का बखान किया। देहरादून से आए मुखी महात्मा जसराम थपरियाल ने प्रवचन किया। बाबा हरदेव महाराज की प्रेरणा से भाव हो अपनत्व का, मिलवर्तन और एकतत्व का, शीर्षक पर आधारित आध्यात्मिक सत्संग की शुरुआत कृष्ण कुमार पांडे की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि शिक्षक नानकचंद गुप्त, विशिष्ट अतिथि डॉ. वीके वर्मा ने दीप जलाकर की। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत कर स्मृति चिह्न भेंट किए। कार्यक्रम का संचालन प्रेमचंद रस्तोगी ने किया। इस मौके पर रामनरेश सोनी, राजकुमारी गुप्ता, जगदीश यादव, हरमोहन सिंह खुराना, कुसुम सिंह सहित नगर पालिका परिषद के सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
देहरादून से आए महात्मा
देहरादून से आए मुखी महात्मा जसराम थपरियाल से सत्संगियों ने नमस्कारी की। इस दौरान अनुयायियों की कतार लग गईं। नमस्कारी के बाद मंगलाचरण के साथ मुखी महात्मा ने कहा कि मनुष्य जीवन पाना दुर्लभ है। जीव 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मानव जीवन पाता है और उन सभी योनियाें में जीव द्वारा किए पुण्य कर्मों के फलस्वरूप सतगुरु की प्राप्ति होती है। सत्संग की व्यवस्था सेवादल के कार्यकर्ताओं ने संभाली।
प्रिंस के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
सत्संग में आए लखीमपुर के मोहल्ला कमलापुर निवासी छात्र प्रिंस वर्मा के भजनों को सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उसके एक गीत, सिर झुकाकर मांगते हैं, हे प्रभू ऐसा दान हम, सुनकर लोग वाह-वाह कह उठे। पालिकाध्यक्ष ने खुश होकर पांच अप्रैल को मंच पर आयोजित गायन प्रतियोगिता में गीत गाने का निमंत्रण दिया।
गायन प्रतियोगिता के प्रतिभागी चयनित
ऐतिहासिक चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर पांच और छह अप्रैल को होने वाली जूनियर, सीनियर वर्ग की गायन प्रतियोगिता का ऑडीशन राजेंद्र्र प्रसाद तिवारी कंटक के नेतृत्व में हुआ। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने बताया कि चयनित जूनियर वर्ग में 13 और सीनियर वर्ग में 32 प्रतिभागियों की सूची तैयार कर नगर पालिका मेला कार्यालय में चस्पा की गई है।