मोहम्मदी रोड स्थित कंजा बरमबाबा हनुमान मंदिर देवस्थान आश्रम पर दूसरे दिन की कथा में युवाचार्य स्वामी ज्ञानानंदजी ने भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
उन्होंने कहा कि भक्ति के दु:ख को नारद जी ने कथा सुनाकर दूर किया। उसी तरह व्यक्ति के दु:ख को श्रीमद्भागवत कथा से दूर किया जा सकता है। चिंता करने से भी किसी को मदद नहीं मिलती क्योंकि चिंता व्यक्ति की इच्छा शक्ति और संकट का सामना करने की सामर्थ्य को कमजोर कर देती है यदि मदद चाहते हैं, तो चिंता नहीं चिंतन करें। सत्संग से व्यक्ति के पूरे जीवन की कायापलट हो जाती है जिस तरह से जहाज पर बैठकर भला अथवा बुरा व्यक्ति सागर पार कर लेता है उसी प्रकार श्रीमद्भागवत कथा रूपी जहाज पर व्यक्ति बैठकर भवसागर पार हो जाता है। कथा रूपी नाव पर असंख्य लोग सवार होकर पुण्यात्मा, पापात्मा दोनों ही पार हो जाते हैं। यह नाव कभी नहीं डूबती। भवसागर से पार लगाने वाली नाव के खेवनहार स्वयं भगवान श्रीवासुदेव जी हैं। इससे पहले कंजा बरमबाबा हनुमान मंदिर देवस्थान आश्रम समिति के मुख्य द्वार का मुख्य अतिथि सत्यप्रकाश अग्रवाल ने पूजन-अर्चन कर फीता काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती, पं करुणाशंकर पांडे, राजेश गुप्ता, अवधेश जायसवाल, मधुकर सैदाई, सोनू गुप्ता, मुन्ना शर्मा, ओपी गुप्ता, अजय जायसवाल, ओमप्रकाश जायसवाल, सुनील, राधा गुप्ता, सुधा गुप्ता, पूनम जायसवाल, जसपाल सिंह, मंटू जायसवाल, शाश्वत केडिया, सिद्धि केडिया, मुकेश राठी, विजय वर्मा, लालबहादुर यादव एडवोकेट आदि मौजूद रहे।