घायलों को तड़पते देख लोगों के निकले आंसू
फंसे घायलों को रस्सी, कपड़ों के सहारे निकाला बाहर
ट्रक और मैजिक में भिड़ंत के बाद सात लोगों की मौत से हर कोई सकते में आ गया। जो भी मौके पर पहुंचा घटनास्थल का मंजर देख उसकी आंख नम हो गई। छह शवों को देखकर हरेक व्यक्ति के चेहरे पर मातम झलक रहा था। लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर मैजिक में फंसे लोगों को रस्सी, कपड़ों के सहारे बांधकर बाहर निकाला।
बुधवार की दोपहर पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर अदलीसपुर के निकट ट्रक और मैजिक के आमने-सामने जब भीषण टक्कर के बाद तेज धमाका होने से लोग सहम गए। हाईवे पर आगे-पीछे चल रहे वाहनों के भी पहिये भी थम गए। मैजिक से चीखने चिल्लाने की आवाजें आने पर पल भर में सैकड़ों की संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। हादसे का मंजर देख हरेक व्यक्ति कांप उठा। आधी से ज्यादा क्षतिग्रस्त हो चुकी मैजिक में फंसे लोग जान बचाने की गुहार लगा रहे थे तो छह लोग मृत पड़े थे। यह दृश्य देख लोगों की आंखे आंसुओं से भर गईं। भीड़ में शामिल लोगों के चेहरे पर मातम साफ झलक रहा था। मौके पर अफरा-तफरी मची हुई थी। लोग मैजिक में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। यहां पुलिस ने भी तेजी दिखाई और हादसे के 10 मिनट बाद ही मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मैजिक में फंसे ट्रक को अलग कराया और लोगों की मदद से रस्सी, कपड़ों आदि के सहारे शवों और घायलों को बमुश्किल बाहर निकाला। पुलिस ने एंबुलेंस का इंतजार न कर गंभीर घायलों को अलग-अलग वाहनों से जिला अस्पताल भेजा, जिससे घायलों का समय से इलाज शुरू हो सका।
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घायल पति को नहीं पता कि पत्नी अब इस दुनिया में नहीं
कोतवाली धौरहरा के गांव वैभहा निवासी दयाराम अपनी पत्नी रामदेवी की दवा लेने लखीमपुर आ रहा था। हादसे में उसकी पत्नी रामदेवी की मौके पर ही मौत हो गई। वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल में भर्ती दयाराम पत्नी के बारे में हरेक व्यक्ति से हालचाल पूछ रहा था। उसे क्या पता था कि इस हादसे ने उसकी पत्नी को छीन लिया है। लोग पत्नी की हालत ठीक होने की बात कहकर उसे दिलासा दिला रहे थे।