पढुआ पंचायत के मजरा पठानन पुरवा की गलियों में भरा कीचड़। संवाद
रमियाबेहड़। विकास के नाम पर अन्य ब्लाॅकों की अपेक्षा रमियाबेहड़ काफी पिछड़ा हुआ है। यहां मामूली बरसात होने पर भी ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। इसका ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत पढुआ के मजरा पठानन पुरवा में सभी रास्तों पर भरे कीचड़ और गंदे पानी के रूप में देखा जा सकता है। गांव की इस समस्या के लिए स्थानीय लोगों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपा है।
मजरे में कहीं नाली तो कहीं सड़क नहीं है। इस कारण गांव के रास्तों पर कीचड़ रहता है। बीडीओ को दिए ज्ञापन में गांव के मोहम्मद परवेज आलम, आरिफ, रियासत, कमाल, रहीस, इमरान तथा इकरार खां ने बताया कि गांव में जल निकासी के लिए एक वर्ष पूर्व एक-दो जगह नालियां बनवाई गई थीं, वह मानकविहीन होने के कारण ध्वस्त हो गईं।
जल निकासी के रास्ते को गांव के ही कुछ लोगों ने बांध दिया है। इस कारण गांव के अंदर जलभराव की विकराल समस्या उत्पन्न हो गई है। बिन बरसात के सभी रास्तों और गलियों में कीचड़युक्त पानी भरा हुआ है। इस वजह से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं। साथ ही संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। गांव के निकट खेतों में लगीं फसलें डूबकर तहस-नहस हो गई हैं।